बीएसए कार्यालय में फाइलों में उलझे कर्मचारी
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चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सरकारी महकमों में देर रात तक बजट को ठिकाने लगाने में अधिकारी लगे रहे। ज्यादा से ज्यादा धन का खर्च कैसे हो, इस पर मंथन होता रहा। वहीं, आने वाले बजट को देखते डीएम ने कोषागार और एसबीआई को रात 10 बजे तक खोले रहने के निर्देश दिए। ताकि सरकारी कार्यालयों को शासन से मिलने वाला बजट निकालने में आसानी हो।
31 मार्च को सभी विभाग बजट को डूबने से बचाने के लिए कागजी कार्यों में मशगूल दिखेे। हालांकि शासन ने ऐसी स्थिति को पहले से समझते हुए कोषागार अधिकारी को सभी विभागों के बिल 22 मार्च तक पास करने के निर्देश दिए थे। वहीं, लगातार छुट्टियों के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया और ज्यादातर विभाग वित्त्तीय वर्ष के आखिरी दिन बजट को ठिकाने लगाने के जोड़ भाग में लगे रहे। विभागाध्यक्ष अपने विभागों के बजट की स्थिति बताने में भी आनाकानी करते नजर आए।
वहीं, ट्रेजरी आफीसर सुरेशानंद पांडेय ने बताया कि बीते 30 मार्च को 14 करोड़ 62 लाख 51 हजार 879 रुपये की धनराशि विभिन्न विभागों ने आहरित की है। वहीं, 31 मार्च को देर रात तक लेन-देन के काम को देखते हुए डीएम के निर्देश पर बैंक व कोषागार रात दस बजे तक खुले रहे। अमर उजाला टीम ने देर शाम मुख्यालय स्थित कई विभागों का जायजा लिया। जिसमें बजट की स्थिति तो अधिकारियों ने नहीं बताई, पर काम में जुटे नजर आए।