नादौन में नाबालिग लड़कियों की शादी का का मामला
प्रवासी लड़की के दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिस टीम दरबंगा रवाना
बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर ने दस्तावेजों की जांच के बाद दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। थाना क्षेत्र नादौन के तहत नाबालिग लड़कियों की शादी के मामले में सोमवार को दोनों लड़कियों के बयान बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर के समक्ष दर्ज हुए। दस्तावेजों की जांच के लिए केवल हिमाचली निवासी लड़की के परिजन ही पहुंचे थे। प्रवासी लड़की के परिजनों ने हिमाचल पहुंचने में असमर्थता जताई है। ऐसे में दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिस थाना नादौन की टीम बिहार दरबंगा के लिए रवाना हो गई है। दस्तावेजों की जांच और बयान के बाद हिमाचली निवासी लड़की को परिजनों के हवाले कर दिया गया है जबकि बिहारी निवासी लड़की अभी तक वन स्टॉप सेंटर में ही है। बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर ने हिमाचल निवासी लड़की को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक मायके में ही रहने के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व बीते शनिवार दोनों लड़कियों के बयान अदालत के समक्ष दर्ज किए गए। प्रारंभिक जांच में प्रवासी लड़की ने अपनी आयु की पुष्टि के लिए आधार कार्ड प्रस्तुत किया था,जिसमें उसकी आयु 20 वर्ष जबकि हिमाचल निवासी लड़की की आयु 17 वर्ष आठ महीने निकली थी। अब विस्तृत जांच के लिए दोनों पक्षों को बाल संरक्षण इकाई हमीरपुर के समक्ष बुलाया गया था ताकि दोनों मामलों में जांच की जा सके। लेकिन प्रवासी लड़की के परिजन जांच में शामिल नहीं हो पाए थे। बीते शुक्रवार को नादौन थाना में दो नाबालिग लड़कियों की शादी की शिकायत दर्ज हुई थी। नादौन अस्पताल में जांच के दौरान दोनों गर्भवती निकली थी। इस दौरान आधार कार्ड में एक लड़की की आयु 17 वर्ष आठ महीने और दूसरी की 15 वर्ष पाई गई थी। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत के बाद मामला नादौन थाना में पंजीकृत हुआ है।
कोट
दोनों लड़कियों के अभिभावकों को जांच में शामिल के लिए बुलाया गया था, हिमाचली निवासी लड़की को परिजनों के हवाले के हवाले कर दिया गया है जबकि प्रवासी लड़की के दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिस टीम बिहार गई है। फिलहाल लड़की को वन स्टॉप सेंटर हमीरपुर में रखा गया है।-मनीष राणा,अध्यक्ष,जिला बाल संरक्षण इकाई