हमीरपुर। जिलेभर के 402 प्राथमिक स्कूलों में अब प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल नौनिहालों के ज्ञान स्तर का मूल्यांकन किया जाएगा। बरसात की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर बच्चों के मौखिक और लिखित टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।
मूल्यांकन के दौरान विद्यार्थियों से मौखिक बातचीत, चित्र पहचान, रंगों की जानकारी, कहानी सुनाना, कविता दोहराना, वस्तुओं का वर्गीकरण, हाथों की गतिविधियां और खेल आधारित अभ्यास करवाए जाएंगे। इन गतिविधियों के आधार पर प्रत्येक बच्चे की सीखने की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
यह टेस्ट विशेष रूप से बरसात की छुट्टियों के दौरान प्री-प्राइमरी शिक्षकों की ओर से बच्चों को घर पर करवाई गई शैक्षणिक गतिविधियों के मूल्यांकन के लिए आयोजित किए जाएंगे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने बरसात की छुट्टियों से पहले प्री-प्राइमरी शिक्षकों को निर्देश दिए थे कि वे छुट्टियों के दौरान बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से पढ़ाई करवाएं, ताकि स्कूल खुलने के बाद बच्चों को विषयों को समझने में परेशानी न हो।
निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण करेगी और शिक्षकों की ओर से दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा करेगी।
समिति बच्चों की गतिविधियों के रिकॉर्ड, शिक्षकों की रिपोर्ट और अभिभावकों से मिले फीडबैक का भी अवलोकन करेगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी विद्यालयों में प्री-प्राइमरी शिक्षा निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो और बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
कोट
प्री-प्राइमरी स्तर पर बच्चों के पंचकोषीय विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला स्तरीय समिति स्कूलों का निरीक्षण करके यह सुनिश्चित करेगी कि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन हो।
-भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी