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अपराध की सूचना देने वाले की पहचान रखी जाती है गुप्त : गौतम

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पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एसएचओ संजीव गौतम को सम्मानित करते अकादमी के निदेशक डॉ. नवनीत शर्म? - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। जो भी व्यक्ति पुलिस को अपराध की सूचना देता है, उसकी पहचान बिल्कुल गुप्त रखी जाती है। किसी भी सूरत में सूचना देने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। यह बात एसएचओ हमीरपुर संजीव गौतम ने द चाणक्य अकादमी हमीरपुर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में कही।
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उन्होंने कहा कि अपराध को खत्म करने के लिए पुलिस अपनी तरफ से पूरा प्रयास करती है, लेकिन अगर इसमें लोगों का सहयोग मिल जाए तो पुलिस को त्वरित कार्रवाई में थोड़ी आसानी रहती है।
उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट का प्रयोग करें। चौपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। मोटर वाहन नियमों का पालन करने पर सड़क दुर्घटनाओं में जानी नुकसान बहुत कम होने की आशंका रहती है।
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दोपहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट न पहनने और कार में सीट बेल्ट न पहनने वाले व्यक्ति के बचने की संभावना बहुत कम होती है। इसके साथ ही उन्होंने अज्ञात नंबर से आने वाली फोन कॉल और व्हाट्सएप कॉल में सतर्कता बरतने की अपील की।
एसएचओ ने साइबर क्राइम के बारे में कहा कि कई बार फोन पर लॉटरी, बैंक अधिकारी के नाम पर फर्जी कॉल, नौकरी, टेलीफोन और बिजली बिल से संबंधित फर्जी मैसेज आते हैं। इन्हें अनदेखा करना चाहिए। ओटीपी हासिल कर शातिर बैंक खाते से जमापूंजी निकाल लेते हैं। इन दिनों इस तरह की ठगी के मामले बढ़ रहे हैं।
इससे बचने के लिए उपभोक्ता की सतर्कता आवश्यक है। फिर भी अगर कोई ठगी का शिकार होता है तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे ताकि शीघ्र कानूनी कार्रवाई की सके। अपराध को खत्म करने के लिए नागरिक अपना योगदान देकर देश के विकास एवं प्रगति में भागीदार बन सकता है।
नशे पर सख्ती करें
पुलिस की पाठशाला में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। समाज में नशे के सेवन के मामले बढ़ रहे हैं। कई बार पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। लेकिन नशे के मामले आए दिन बढ़ रहे हैं। इस पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
-नैंसी, विद्यार्थी।
सबको मिले न्याय
लोगों में ऐसी धारणा है कि अमीर और साधन संपन्न व्यक्ति अपराध करने के बाद बच जाता है। जबकि गरीब व्यक्ति को न्याय नहीं मिल पाता। बॉलीवुड के कई ऐसे उदाहरण हैं। इसलिए न्याय सबको बराबर मिलना चाहिए।
-जितेन, विद्यार्थी।
प्रलोभन भरे मैसेज से बचें
कई बार मोबाइल पर झूठे एवं प्रलोभन भरे मैसेज आते हैं। इनसे कैसे बचना है, इसकी जानकारी अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस की पाठशाला में मिली है। इसके अलावा भी बहुत उपयोगी जानकारी हासिल हुई।
-नीलाक्षी शर्मा, विद्यार्थी।
यातायात नियमों का पालन करें
यातायात के नियमों और साइबर क्राइम के बारे में बहुत उपयोगी जानकारी मिली है। वाहन चालकों को मोटर वाहन नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि वह खुद और अपने परिवार के सदस्यों की जान बचा पाए।
-रोजी, विद्यार्थी।
पुलिस का सहयोग करें
हम अपने आसपास घटने वाले अपराध की सूचना पुलिस को देकर बेहतर समाज के प्रति जिम्मेवारी निभा सकते हैं। अगर देश का प्रत्येक नागरिक पुलिस का सहयोग कर तो कई अपराध जड़ से खत्म हो सकते हैं।
-कनिका, विद्यार्थी।
पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। एसएचओ हमीरपुर संजीव गौतम ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर क्राइम और नशे से बचने समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई है।
-डॉ. नवनीत शर्मा, निदेशक, द चाणक्य अकादमी हमीरपुर।

पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते एसएचओ संजीव गौतम- फोटो : Hamirpur-HP

पुलिस की पाठशाला में सवाल पूछती कनिका- फोटो : Hamirpur-HP

पुलिस की पाठशाला में सवाल पूछती रोजी- फोटो : Hamirpur-HP

पुलिस की पाठशाला में सवाल पूछती नीलाक्षी- फोटो : Hamirpur-HP

पुलिस की पाठशाला में सवाल पूछती नैंसी।- फोटो : Hamirpur-HP

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