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Hamirpur (Himachal) News: सरकार के बाद संगठन के तल्ख तेवर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले हद में रहें पार्टी पदाधिकारी

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हमीरपुर। विधायकों को बर्खास्तगी के बाद जिले में सीएम सुक्खू और सरकार से बागी नेताओं के समर्थकों में तनातनी जारी है। इस सियासी तनातनी के बीच जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुमन भारती ने पार्टी पदाधिकारियों को हद और संगठन की मर्यादा में रहने की नसीहत दी है। जबकि, सुजानपुर ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी सरकार की मुखालफत पर उतर आए हैं। ऐसे में सीएम सुक्खू के गृह जिले के बागी विधायकों की सदस्यता रद्द होने के बाद मचे सियासी घमासान से संगठन की सर्जरी तय मानी जा रही है। कांगड़ा जिले में पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कई पदाधिकारियों को कांग्रेस ने पदमुक्त किया है। ऐसे में हमीरपुर जिले के सुजानपुर व बड़सर में जारी तनातनी पर भी कार्रवाई होने के आसार हैं।
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मुख्यमंत्री सुक्खू और बर्खास्त विधायकों के समर्थक पिछले तीन दिन से आमने-सामने हैं। संगठन के साथ सरकार में विभिन्न बोर्डों और निगमों में तैनात बर्खास्त विधायकों के समर्थकों के पत्ते कटना भी अब लगभग तय ही माना जा रहा है।
सुजानपुर ब्लाॅक कांग्रेस के अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी खुलकर विधायक के समर्थन में आए हैं। वहीं, बड़सर ब्लाॅक कांग्रेस की ओर से सार्वजनिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है।
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कोट



भुगतने होंगे दूरगामी परिणाम : सुजानपुर कांग्रेस



सुजानपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन ज्योति प्रकाश ने कहा कि विधायकों की सदस्यता भंग करने और केवल एक ही पक्ष को सुनने के एकतरफा फैसले ने आग में घी डालने का काम किया है, जो कांग्रेस पार्टी के लिए लोकसभा चुनाव में आत्मघाती कदम साबित होने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष का यह फैसला एकतरफा और जल्दबाजी में आवाज को दबाने का ही असफल प्रयास है, जिसके दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ेंगे।



ब्लाॅक कांग्रेस बड़सर के अध्यक्ष केवल धीमान का कहना है कि अभी वह सरकार की कार्रवाई और विधायक के कदम पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। जल्द ही इस विषय पर ब्लाॅक कांग्रेस की राय सार्वजनिक की जाएगी।



जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर के अध्यक्ष सुमन भारती का कहना है कि पार्टी चिह्न पर चुनाव लड़कर विधायकों ने पार्टी से दगा किया है। विधायकों की सदस्यता रद्द किया जाना सही फैसला है। पार्टी से बाहर जाकर यदि कोई बयानबाजी कर रहा है तो उसके खिलाफ पार्टी के संविधान के मुताबिक कार्रवाई होगी। संगठन में अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगी। पार्टी पदाधिकारी हद और मर्यादा में रहें।
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