हमीरपुर। सिविल जज कोर्ट नंबर-3 हमीरपुर की न्यायाधीश टीना मल्होत्रा की अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हमीरपुर की एक फर्म को बैंक ऋण का बकाया भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने फर्म को बैंक की ओर से केस दायर करने की तिथि से 12 फीसदी ब्याज भी ऋण की बकाया राशि पर अदा करने के आदेश दिए हैं। बैंक की ओर से दायर वाद में बताया गया कि मई 2022 को प्रतिवादी ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण मांगा था, जिसके तहत बैंक ने 7 लाख रुपये का ऋण जून 2022 को स्वीकृत किया था।
बैंक के अनुसार, प्रतिवादी ने ऋण की नियमित किस्तें जमा नहीं करवाईं और खाता सितंबर 2024 को एनपीए घोषित करना पड़ा। फर्म को नोटिस जारी किया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। अदालत ने पाया कि बैंक का पक्ष साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर सही है।
फैसले में कहा गया कि बैंक को 5,84,869 रुपये की वसूली का अधिकार है, जिस पर 12.40 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तब तक मिलेगा, जब तक पूरी राशि की अदायगी नहीं हो जाती। साथ ही मुकदमे की लागत भी बैंक को मिलेगी।