हमीरपुर। कड़ाके की ठंड में अग्निवीर बनने का सपना युवाओं में जोश भर रहा है। देश सेवा का जज्बा लिए युवा सुबह 3:00 बजे से भर्ती स्थल के गेट पर पहुंच रहे हैं।
सुबह 3:00 से 7:00 बजे तक अणु के सिंथेटिक ट्रैक मैदान में प्रवेश दिया जा रहा है। युवाओं में भर्ती के लिए काफी उत्साह नजर आ रहा है। शनिवार को बिलासपुर और हमीरपुर जिला की सात तहसीलों के अभ्यर्थियों को भर्ती रैली के बुलाया गया था। ग्राउंड टेस्ट होने के बाद दोपहर तक अभ्यर्थी रैली मैदान में रहे। वहीं, परिजन मैदान के बाहर अभ्यर्थियों का इंतजार करते दिखे।
इस दौरान भर्ती स्थल के साथ लगती खाद्य पदार्थों की कुछ दुकानें और रेहड़ी-फहड़ी वालों को भी इस भर्ती का फायदा हो रहा है। युवाओं के लिए यह दुकानें और रेहड़ी-फहड़ी सुबह तीन बजे ही खुल जा रही हैं। सामान्य दिनों में यह दुकानें सुबह 7:00 बजे से खुलती हैं, लेकिन भर्ती के दिनों में यह सुबह तड़के 3:00 बजे ही खुल जा रही हैं, जहां पर अग्निवीर बनने का सपना लिए युवा नाश्ता कर रहे हैं।
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सेना भर्ती स्थल पर मोबाइल सहित अन्य सामाग्री पूर्णतया: प्रतिबंध होने से कुछेक युवा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान की चाहरदीवारी की रेलिंग पर अपने बैगों को छोड़कर भर्ती के लिए गए। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपना सामान उठाया।
अग्रिवीर बनने आ रहे युवाओं के लिए सुबह 3:00 बजे दुकान खुल रही है। युवा यहां पर नाश्ता कर रहे हैं। कुछ युवा केवल चाय ही पी रहे हैं।
-ओम, ढाबा संचालक
सुबह तड़के युवा पहुंच रहे हैं। युवा केवल चाय ही पी रहे हैं। 800 से 900 रुपये सेल अधिक हो रही है। युवा मोमो-चोमिन भी कम पसंद कर रहे हैं।
-सर्वप्रीतम, चाय व फास्ट फूड विक्रेता
दुकान 7:00 बजे ही खोल रहे हैं। पहले हुई भर्तियों में अधिक युवा पहुंचते थे, लेकिन अब लिखित परीक्षा के बाद ही युवाओं की शारीरिक दक्षता परीक्षा ली जा रही है। इस कारण रोजाना 200 से 300 युवा ही भर्ती के लिए आ रहे हैं। युवाओं के आने से अभी तक व्यापार में लाभ नहीं हुआ है।
-रमेश नामदेव, दुकानदार
पहले से मंदा काम चला हुआ है। भर्ती से आस थी कि व्यापार में वृद्धि होगी, लेकिन अभी तक कुछ ऐसा नहीं हुआ है।
-आरती, कपड़ा विक्रेता
ओम, ढ़ाबा संचालक। संवाद- फोटो : mathura
ओम, ढ़ाबा संचालक। संवाद- फोटो : mathura
ओम, ढ़ाबा संचालक। संवाद- फोटो : mathura
ओम, ढ़ाबा संचालक। संवाद- फोटो : mathura
ओम, ढ़ाबा संचालक। संवाद- फोटो : mathura
ओम, ढ़ाबा संचालक। संवाद- फोटो : mathura