भाजपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री प्र
हमीरपुर। भाजपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल से उनके निवास स्थान समीरपुर में भेंट की।
इस दौरान प्रो. धूमल ने कहा कि सेना के जवान सेवानिवृत्ति के बाद भी अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना बनाए रखते हैं। पूर्व सैनिकों का अनुभव और देश के प्रति निष्ठा संगठन की महत्वपूर्ण ताकत है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के माध्यम से संगठन में कार्य करने वाले पूर्व सैनिक पार्टी में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।
प्रो. धूमल ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के अनुभव साझा करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन भाजपा प्रदेश प्रभारी नरेंद्र मोदी के साथ शिमला में थे।
प्रधानमंत्री के कारगिल पहुंचने की जानकारी मिलने पर उन्होंने भी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए वहां जाने का निर्णय लिया। इसके बाद 4 जुलाई 1999 को वे कारगिल पहुंचे।
पूर्व सैनिकों के कल्याण का उल्लेख करते हुए प्रो. धूमल ने कहा कि वर्ष 1990 में पहली बार लोकसभा में वन रैंक वन पेंशन का मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में सुजानपुर की रैली में नरेंद्र मोदी ने इसे लागू करने का वादा किया था, जिसे केंद्र में सरकार बनने के बाद पूरा किया गया।
उन्होंने इसे पूर्व सैनिकों के सम्मान और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।