शिव मंदिर गलोड़ में आयोजित कथा में उपस्थित श्रद्धालु। संवाद
गलोड़ (हमीरपुर)। शिव मंदिर गलोड़ में आयोजित शिव पुराण कथा के सातवें दिन कथा व्यास पंडित रविंद्र कुमार शर्मा ने श्रद्धालुओं को तुलसी की उत्पत्ति और उसके धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पौराणिक कथा का वर्णन करते हुए बताया कि वृंदा, राक्षसराज जलंधर की पत्नी और भगवान विष्णु की परम भक्त थीं। वृंदा के पतिव्रत धर्म के प्रभाव से जलंधर अजेय हो गया था। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने जलंधर का रूप धारण किया, जिसके बाद भगवान शिव ने युद्ध में जलंधर का वध किया। पंडित रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सत्य का पता चलने पर वृंदा ने भगवान विष्णु को शालिग्राम बनने का शाप दिया और स्वयं सती हो गईं। इसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान दिया कि वे पृथ्वी पर तुलसी के रूप में सदैव पूजनीय रहेंगी। इस अवसर पर राज कुमार, देशराज, राधा शर्मा, बिमला देवी, मीना कुमारी, रीना, वंदना आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद