डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की सरकारी लैब के बाहर लगी कतार। संवाद
हमीरपुर। समय 11 बजकर दो मिनट। दिन बुधवार। स्थान डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर। क्रस्ना लैब के बाहर मरीजों की कतार नहीं है। यहां आ रहे मरीजों को वापस भेज दिया जा रहा है। 11:38 बज गए हैं। सरकारी लैब के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। सीढि़यों पर खड़े बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं व अन्य मरीज पर्चियां लेकर सैंपल देने का इंतजार कर रहे हैं। सीढि़यों पर भी जगह नहीं है। ऐसे में मरीज सबसे निचली मंजिल से आने वाली सीढि़यों पर भी कतार में खड़े हैं।
मरीज दो दो घंटे से खड़े हैं तथा अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। 12 बज रहे हैं तथा मरीजों की कतार उतनी ही लंबी है जितनी पहले थी। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भी बुधवार को क्रस्ना लैब की सेवाएं ठप हो गई हैं। अब सरकारी लैब में मरीजों की कतारें लगी हैं। वहीं, यहां पर खड़ा होने के लिए जगह कम है। ऐसे में मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्रस्ना लैब में सरकारी कीमतों पर ही टेस्ट किए जाते हैं। यह लैब रात-दिन खुली रहती है। क्रस्ना लैब में टेस्ट नहीं हो रहे और सरकारी लैब में भीड़ बढ़ गई है। सुबह जल्दी आकर सैंपल देने पड़ते हैं।
नवंबर के बाद सरकार ने क्रस्ना लैब के अधिकारियों को भुगतान नहीं किया है। 48 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने को है। ऐसे में कर्मचारियों का वेतन देना भी मुश्किल हो गया है। इसके लिए संबंधित कंपनी ने पांच से छह बार सरकार से पत्राचार किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं गत सप्ताह 10 जनवरी तक भुगतान करने का समय दिया गया था, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में पूरे प्रदेश में क्रस्ना लैब की सेवाएं ठप हैं। प्रदेश में लाहौल, किन्नौर व जिला ऊना के कुछ पीएचसी सेंटरों के अलावा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में क्रस्ना लैब की सैंपलिंग प्रक्रिया बंद है। मरीजों संतोश, शीला देवी, दिव्या, ज्योती, मनोरमा आदि ने कहा कि सुबह से खड़े हैं तथा बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि किसी कार्य के चलते दिल्ली में हैं और उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई कि क्रस्ना लैब में सैंपलिंग नहीं होगी।