रंगस (हमीरपुर)। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर स्थित जोलसप्पड़ के समीप टीका महाल थाई के बीचोंबीच निकलने वाले प्रस्तावित बाईपास का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा। नाबार्ड की ओर से पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो गई है।
लोक निर्माण विभाग ने दो वर्ष पूर्व स्थापित बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया को शुरू किया था। प्रशासन की ओर से 1200 मीटर लंबी दूरी की सड़क के तहत आने वाली 600 मीटर निजी भूमि के भू स्वामियों से नेगोशिएशन के माध्यम से रेट दर तय किए थे। उसी के तहत अब तक 95 फीसदी निजी भूमि मालिकों को सरकार की ओर से मुआवजा दिया जा चुका है।
वहीं, 600 मीटर सड़क का निर्माण वन विभाग की भूमि के तहत होना प्रस्तावित था। उसकी भी एफसीए के तहत मंजूरी मिल गई है। लोक निर्माण विभाग ने निजी भूमि मालिकों के साथ नेगोशिएशन होते ही सड़क के कच्चे ट्रैक को बनाना शुरू कर दिया था। परियोजना के तहत डंगों और पुलियों का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है।
अब नाबार्ड की ओर से पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो गई है। मुख्य सड़क मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक ब्लॉक और अस्पताल के बीच में से निकलती है। इसलिए भविष्य में मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के उपरांत स्वाभाविक रूप से ट्रैफिक जाम की समस्या आ सकती थी।
हालांकि कॉलेज प्रशासन ने दोनों भवनों को आपस में जोड़ने के लिए सड़क के ऊपर से ही एक ओवर हेड फुट ब्रिज का निर्माण तो करवा लिया था। फिर भी भविष्य में ट्रैफिक जाम के दृष्टिगत ही कॉलेज के साथ लगते टीका महल थाईं में बाईपास का निर्माण करना संभव हो पाया है। जहां ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी, तो वहीं थाईं गांव के लोगों को हमेशा के लिए सड़क सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी।
कोट
सड़क निर्माण के लिए फिलहाल पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। स्वीकृति मिलते ही पहले चरण के तहत सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-पंकज कौशल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, नादौन