हमीरपुर। चार शिक्षा खंडों के अपर प्राइमरी शिक्षकों के लिए हमीरपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यशाला के चौथे दिन की शुरुआत प्रभु वंदना से की गई। कार्यशाला के दौरान गलोड़ खंड परियोजना अधिकारी सुरिंद्र पाल शर्मा ने कहा कि स्कूलों में बच्चों के उपलब्धि स्तर को बढ़ाने का भरसक प्रयास करें और डिजिटल तकनीक के माध्यम से अपने अध्यापन को अधिक से अधिक आकर्षक बनाएं। कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रमुख संसाधन व्यक्ति अरुण कुमार ने पॉवर प्वाइंट के माध्यम से पॉक्सो अधिनियम के बारे में विस्तार से चर्चा की और शिक्षकों को पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत क्या-क्या कानून और धाराएं हैं और इन धाराओं के अंतर्गत सजा का प्रावधान के बारे में जागरूक किया। दूसरे सत्र में संसाधन व्यक्ति शिवानी पटियाल ने चिंतनशील शिक्षण के बारे में शिक्षकों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चिंतनशील शिक्षण शिक्षक को खुद का अवलोकन करने का मौका देता है और कक्षा कक्ष में पठन-पाठन प्रक्रिया को और आकर्षक बनाने में मदद करता है। तीसरे सत्र में प्रमुख संसाधन व्यक्ति सुनील शर्मा ने डिजिटल क्षमता के बारे में चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को डिजिटल तकनीक का उपयोग करके शिक्षण को आकर्षक और बेहतरीन बनाने के बारे में जानकारी दी। अंत में शिक्षकों से पूरे दिन भर चली गतिविधियों के बारे में प्रतिक्रिया ली गई। इस मौके पर शिक्षा खंड गलोड़ के खंड स्रोत समन्वयक सुरजीत शर्मा, पुनीत कुमार और सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।