डाइट में कार्यशाला के दौरान मुख्यातिथि के साथ अध्यपाक। -स्रोत : संस्थान
धनेटा (हमीरपुर)। जिले के 20 स्कूलों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष कौशल के गुर सीखे। इसके लिए समग्र शिक्षा एवं पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में डाइट गौना-करौर में आयोजित सोशल, इमोशनल एंड एथिकल (एसईई) लर्निंग कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ।
इस क्षमता निर्माण कार्यशाला में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने आधुनिक दौर में बच्चों के सर्वांगीण विकास की बारीकियों को समझा। इस दौरान शिक्षकों को बताया गया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक दक्षताएं अनिवार्य हैं। विशेषज्ञों ने अनुभवात्मक अधिगम और चिंतनपरक संवाद के माध्यम से यह समझाया कि कक्षा के भीतर बच्चों में सहानुभूति और निर्णय लेने की क्षमता को कैसे विकसित किया जाए।
मुख्यातिथि एवं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर ने एसईई लर्निंग को शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि इसे प्रभावी ढंग से स्कूलों में लागू करने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस अवसर पर जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम और पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर राजेंद्र ठाकुर ने भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए शैक्षणिक मॉडल पर अपने विचार साझा किए।