हमीरपुर। जिले में टीबी एक्सरे स्क्रीनिंग को अतिरिक्त संसाधनों का सहारा मिला है। स्वास्थ्य विभाग को चार नई पोर्टेबल एआई-सक्षम डिजिटल एक्सरे मशीन की सुविधा दी है। हालांकि, इन मशीनों को फिलहाल संचालित नहीं किया गया है।
मशीनों में एआई सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होने के बाद ही इनका इस्तेमाल शुरू किया जाएगा। एक्सरे मशीनों की कमी के चलते टीबी स्क्रीनिंग अभियान प्रभावित हो रहा था। वर्तमान में जिले में टीबी स्क्रीनिंग के लिए तीन मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से दो मशीनें खराब पड़ी हैं।
ऐसे में फिलहाल महज एक मशीन के सहारे स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। एक ही मशीन पर निर्भरता के कारण स्वास्थ्य विभाग को अलग-अलग क्षेत्रों में स्क्रीनिंग अभियान चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषकर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधा पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। चार नई पोर्टेबल मशीनों के संचालन में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
पोर्टेबल होने के कारण इन्हें जरूरत के अनुसार विभिन्न गांवों और विशेष स्क्रीनिंग शिविरों में ले जाया जा सकेगा। इससे संदिग्ध मरीजों को प्रारंभिक जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों तक ले जाने की जरूरत कम हो सकती है। जांच सुविधा मरीजों के नजदीक पहुंचाई जा सकेगी।
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हर साल टीबी के 900 मामले आ रहे
जिले में हर साल टीबी के करीब 900 मामले आते हैं। अस्पतालों में टीबी जांच की सुविधा है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों का स्वास्थ्य विभाग की ओर से इलाज शुरू कर दिया जाता है। नई मशीनों के शुरू होने से स्क्रीनिंग शिविरों और विशेष अभियानों का दायरा भी बढ़ाया जा सकेगा। इससे टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
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टीबी उन्मूलन के लिए समय पर पहचान और उपचार अहम माना जाता है। ऐसे में नई पोर्टेबल मशीनों का साथ स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
-डॉ. सुनील वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी