हमीरपुर। जिला हमीरपुर में 30 नवंबर तक राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन अभियान चलेगा। एक्टिव केस फाइंडिंग चरण-2 के तहत पंद्रह दिनों के भीतर जिले में 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग होगी। जिले के छह स्वास्थ्य खंडों के अलावा मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कफ कॉर्नर सेंटर स्थापित किए हैं। जहां पर मरीजों के बलगम की जांच होगी। इसके साथ ही करीब 10 लाख रुपये की लागत से हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में सीवी नेट मशीन स्थापित की गई है, जो 24 घंटे काम करेगी।
सीवी नेट मशीन की खासियत यह है कि यह मशीन बलगम में महज एक बैक्टीरिया होने पर भी काम करती है। वीरवार को हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएमओ हमीरपुर डॉ. अर्चना सोनी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता और जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनसूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने बताया कि हिमाचल में वर्ष 2021 में प्रदेश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि केंद्र सरकार ने देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य वर्ष 2025 निर्धारित किया है। जिले में 200 टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य और आशा वर्करों को किट प्रदान कर घर द्वार पर बलगम की जांच की जाएगी। जिले में हॉस्टल, जेल, वृद्धाश्रम समेत 13 साइट्स का चयन किया गया है। निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी ताकि, वह अपने लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर सके। इसके अलावा जिले में निजी अस्पतालों को भी टीबी के केस की जानकारी देने पर 500 रुपये प्रति मरीज की दर से भुगतान किया जाएगा। जिले में बीते वर्ष 2018 में कुल 799 टीबी के मरीज सामने आए थे। जबकि, इस वर्ष अभी तक 769 मरीज सामने आ चुके हैं। जिसमें 490 पुरुष और 271 महिलाएं शामिल हैं।
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मेंटल हेल्थ प्रोग्राम 30 दिसंबर तक चलेगा
सीएमओ डॉ. अर्चना सोनी ने बताया कि जिले में 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक मेंटल हेल्थ प्रोग्राम चलेगा। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में जाकर सुबह की प्रार्थना सभाओं में बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेगा। नुक्कड़ सभाओं का आयोजन भी होगा।