क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में नए साल से डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा को टैग लगाया जाएगा। इससे अस्पताल में नवजात की अदला-बदली का अंदेशा नहीं रहेगा। बाकायदा टैग नंबर प्रसूता महिला की डिलीवरी फाइल में अंकित किया जाएगा।
टैग सिस्टम शुरू करने के लिए अक्तूबर माह में सफल ट्रायल किया जा चुका है। कमला नेहरू अस्पताल शिमला में बच्चों की अदला-बदली मामले के बाद क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन ने टैग सिस्टम शुरू करने का निर्णय लिया है।
गर्भवती महिला की डिलीवरी के तुरंत बाद प्रसूता और नवजात को एक नंबर का टैग लगाया जाएगा। बाकायदा टैग का नंबर डिलीवरी फाइल में अंकित किया जाएगा। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ही जच्चा-बच्चा का टैग निकाला जाएगा।
अस्पताल प्रबंधन ने नए टैग ऑर्डर कर दिए हैं। दिसंबर माह के अंत तक टैग क्षेत्रीय अस्पताल में पहुंच जाएंगे। नया साल शुरू होते ही अस्पताल में डिलीवरी के बाद टैग सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा। एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि टैग सिस्टम शुरू करने के लिए सफल ट्रायल हो चुका है। अगले साल से टैग सिस्टम पूर्ण रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
मां के अंगुठे और नवजात के भी लेंगे फुट प्रिंट्स
टैग सिस्टम के साथ ही प्रसूता महिला के अंगुठे का निशान और नवजात के फुट प्रिंट्स लिए जाएंगे। जच्चा-बच्चा दोनों के प्रिंट्स डिलीवरी फाइल में अंकित किए जाएंगे। हालांकि जच्चा-बच्चा के फुट प्रिंट्स लेना क्षेत्रीय अस्पताल में शुरू कर दिया है, लेकिन टैग सिस्टम शुरू होने के बाद भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल में बच्चों की अदला-बदली का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन इससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता रहेगी।