हमीरपुर। बारिश से तबाही के छठे दिन बाद भी शहर के लोगों को पेयजल की सप्लाई नहीं हो पाई है। वहीं, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को टैंकरों से पानी उपलब्ध करवाना पड़ रहा है। जिंदगी के लिए सबसे जरूरी पानी न मिलने से लोग मुसीबत में हैं। वहीं, जलशक्ति विभाग लोगों को छह दिन बाद भी पेयजल सप्लाई करने में नाकाम रहा है। इससे हमीरपुर में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। हालात ऐसे हैं कि मिनी सचिवालय हमीरपुर, राज्य कर एवं आबकारी विभाग कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड से लेकर शिक्षा विभाग के कार्यालयों में पानी आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
मिनी सचिवालय में उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, सहायक आयुक्त, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो और जिला राजस्व समेत जिला कोषाधिकारी कार्यालय चल रहे हैं। लेकिन, पिछले छह दिन से पानी न होने से कर्मचारियों के अलावा यहां आने वाले लोगों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
शहर के विभिन्न वार्डों में भी पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोग बारिश से भवनों के धरातल में जमा पानी से कपड़े धोने और शौचालय समेत अन्य रोजमर्रा के कामकाज निपटा रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पेयजल आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान व पेयजल टैंकरों की डिमांड के लिए जलशक्ति विभाग ने अपने कार्यालय और अधिकारियों व कर्मचारियों के दूरभाष नंबर तक सार्वजनिक नहीं किए हैं। लोगों को समझ नहीं आ रहा है अगर पानी की शिकायत करें तो कहां करें। पूर्व में विभाग की ओर से दैनिक समाचार पत्रों व अन्य माध्यम से मोबाइल और कार्यालय के दूरभाष नंबर सार्वजनिक किए जाते रहे हैं। उधर, व्यापार मंडल के प्रधान अनिल सोनी, उपप्रधान अश्वनी जगोता, मीडिया सचिव सुमित ठाकुर और राजेंद्र सोनी ने कहा कि सोमवार से मौसम बिलकुल साफ है। इसके बावजूद जलशक्ति विभाग पेयजल उपलब्ध करवाने में नाकाम रहा है। लोगों को दो से ढाई हजार रुपये खर्च कर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है।
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव सहगल ने कहा कि विभाग पिछले चार दिन से पेयजल आपूर्ति बहाल करने में जुटा हुआ है। अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्राकृतिक जलस्रोत एकमात्र सहारासुजानपुर (हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर के विभिन्न वार्डों में पेयजल आपूर्ति न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। आलम यह है कि न तो घर में पानी है और न ही शहर में। मुख्य बाजार में लगे ठंडे पानी के कूलर की टंकियां भी सूख गई हैं। जिसके चलते प्राकृतिक जलस्रोत एकमात्र जल का सहारा बचा है। वीरवार को महाविद्यालय में पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को पानी की किल्लत से जूझना पड़ा। शहर में कहीं भी पानी पीने के लिए उन्हें उपलब्ध नहीं हुआ।
इसके बाद उन्हें थक हार कर लोगों को बोतल बंद पानी लेकर अपने गले तर करने पड़े। इस बारे में जल शक्ति विभाग सुजानपुर के एसडीओ जितेश कुमार ने बताया कि पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। शुक्रवार से नियमित पेयजल सप्लाई होगी।