नगर परिषद सुजानपुर में अहम पदों पर काबिज होना कांग्रेस के
लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। पूर्ण बहुमत होने के बावजूद गुटबाजी पर
विराम न लगा तो नतीजे विपरीत होंगे।
इससे कांग्रेस की फजीहत होगी। हालांकि
कांग्रेस में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद को लेकर दोनों गुटों में सहमति बन
सकती है। वहीं भाजपा कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा लेने की फिराक में है। नगर
परिषद सुजानपुर के कुल नौ वार्ड हैं। इसमें चार पार्षद भाजपा समर्थक जीत
कर आए हैं।
भाजपा को बहुमत के लिए एक पार्षद की जरूरत है। कांग्रेस समर्थित
पांच पार्षद हैं। अगर गुटबाजी हावी न हुई तो अहम पदों पर कांग्रेस कब्जा
कर सकती है। वार्ड एक से रमन भटनागर और वार्ड नंबर दो से दीप कुमार राज्य
आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा के समर्थक हैं।
वार्ड नंबर
पांच से अनीता और वार्ड नंबर सात से सुमन अटवाल पूर्व विधायक अनीता वर्मा
खेमे से उम्मीदवार थीं। वार्ड नंबर तीन से मनोज कुमार दोनों गुटों के साझा
प्रत्याशी थे।
चुनावी आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस के पास बहुमत तो है,
लेकिन धड़ेबाजी के चलते गेम बिगड़ सकती है। इसका फायदा भाजपा उठा सकती है।
कांग्रेस में फजीहत बचाने को लेकर एक गुट से अध्यक्ष व दूसरे से उपाध्यक्ष
चुनने को लेकर सहमति बनाने के प्रयास शुरू हो गए हैं।