हमीरपुर। जिले के 406 प्राथमिक स्कूलों में तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों के पंचकोषीय विकास को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। अभिभावक और अध्यापक स्कूल स्तर पर ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
इन कार्यक्रमों में भाषा, गणित के खेल स्टॉल, किड्स कॉर्नर व पठ्न सामग्री को प्रदर्शित कर गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। स्कूल स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन विशेष रूप से अभिभावकों को विद्यार्थियों की गतिविधियों से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए किया जाएगा, ताकि पहली कक्षा में दाखिले के दौरान नौनिहालों को पाठ्यक्रम पढ़ने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्कूल स्तर पर कार्यक्रम आयोजन के बाद स्कूल की रिपोर्ट खंड स्तर पर प्रदर्शित होगी। वहीं, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा। रिपोर्ट में खामियों वाले स्कूलों के लिए अतिरिक्त कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिससे सभी स्कूलों में एक सामान विद्यार्थियों का विकास किया जाएगा।
वर्तमान में जिले के प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं को तीन वर्गों में बांटा गया है, जिसमें बच्चों को बाल वाटिका एक, दो, तीन के अनुसार आयुवर्ग में पढ़ाई करवाई जा रही है।ईसीसीई कार्यक्रम बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक, शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास पर केंद्रित होता है। इससे बच्चों के समग्र विकास में सहायता मिलती है।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में ईसीसीई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
-भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी।