हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा ने जारी बयान में मंगलवार को कहा कि विद्युत बोर्ड में कार्यरत तकनीकी कर्मचारी आए दिन मौत का ग्रास बन रहे हैं। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
यह हादसे विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण पेश आ रहे हैं। इस सदर्भ में मुख्यमंत्री के समक्ष भी बिजली बोर्ड में खाली चल रहे पदों पर नई भर्तियां शुरू करने की मांग रखी थी। इसके बाद 20 मई 2023 को सर्विस कमेटी ने बिजली बोर्ड में लगभग 1,000 पदों को भरने की स्वीकृति दी है, लेकिन 7 माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रबंधक वर्ग ने इस भर्ती प्रक्रिया को आज तक शुरू नहीं किया है। बिजली बोर्ड में लगभग 8000 स्वीकृत पद विभिन्न श्रेणियों के खाली चल रहे हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के बावजूद 26 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। विद्युत बोर्ड में फील्ड में कार्यरत एक-एक कर्मचारी के पास 25 से 30 ट्रांसफार्मरों का कार्यभार आ गया है। इससे कर्मचारी हादसों का शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों टी-मेट और हेल्पर के पदों पर कार्यरत कर्मचारी पदोन्नत होकर सहायक लाइनमैन व उपकेंद्र सहायक बनाए गए हैं। विद्युत बोर्ड में टी-मेट और हेल्पर के 1500 स्वीकृत पद रिक्त हुए हैं। प्रदेशाध्यक्ष ने प्रबंधक वर्ग से मांग की कि बोर्ड में अतिशीघ्र नई भर्ती प्रक्रिया को शुरू किया जाए।