हमीरपुर। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 60 लाख रुपये खर्च कर तैयार किया गया बलिदानी कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर का खेल मैदान सालभर में ही बदहाल होने लगा है।
मैदान में लगाई गई कोरियन घास जगह-जगह से उखड़ गई है और हरे मैदान के बीच मिट्टी के पैच नजर आने लगे हैं। सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग भी क्षतिग्रस्त है, जबकि दर्शक दीर्घा के पास गंदगी पसरी हुई है और एक सूखा पेड़ गिरा पड़ा है।
शिक्षा विभाग ने मैदान के निर्माण के लिए सितंबर 2023 में 60 लाख रुपये का बजट जारी किया था। पहले चरण में लोक निर्माण विभाग ने मैदान को समतल करने और चारों ओर पक्की निकासी नालियां बनाने का काम किया।
वहीं, फरवरी 2024 में दूसरे चरण के तहत खोदाई कर पत्थर निकाले गए। इसके बाद मैदान को समतल कर कोरियन घास लगाई गई। सितंबर 2025 में स्कूल प्रशासन ने मैदान को खिलाड़ियों और आम लोगों के लिए खोल दिया।
मैदान में घास लगाने के साथ पानी की निकासी के लिए नालियां बनाई गईं और सिंचाई के लिए पानी जमा करने को भूमिगत टैंक भी तैयार किया गया। मैदान के रखरखाव के लिए समयसारणी निर्धारित की गई थी।
इसके तहत मैदान को तय समय पर खोलने और बंद करने के साथ प्रत्येक माह के अंतिम चार दिन रखरखाव के लिए निर्धारित किए गए थे। संबंधित ठेकेदार ने एक साल तक मैदान की देखरेख की। अब देखरेख की अवधि समाप्त होने के बाद मैदान की स्थिति बिगड़ने लगी है।
खिलाड़ियों को अभ्यास में हो रही परेशानी
मैदान में गणतंत्र दिवस सहित जिला प्रशासन के बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा यह खिलाड़ियों के अभ्यास और अन्य गतिविधियों के लिए भी उपयोगी है। जगह-जगह घास उखड़ने और मिट्टी के पैच बनने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए एकसमान सतह नहीं मिल पा रही है। वहीं, रेलिंग की क्षतिग्रस्त स्थिति और दर्शक दीर्घा के पास गंदगी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। शहरवासियों ने स्कूल प्रशासन से मैदान की स्थिति सुधारने और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है।
कोट्स
स्कूल प्रशासन की ओर से मैदान में सिंचाई के माध्यम से घास की रखरखाव की जा रही है। जगह-जगह पड़े पैचों को भरने का जल्द कार्य किया जाएगा। राहगीर बस अड्डा में जाने के लिए मैदान का प्रयोग करते हैं, जिससे मैदान में पैच पड़े हैं। मैदान के चारों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग लगा दी गई है, ताकि घास को नुकसान न पहुंच पाए।
-दीप्ति राणा, प्रधानाचार्य, हमीरपुर स्कूल
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मैदान में जगह-जगह घास उखड़ने से अभ्यास करने में परेशानी होती है। कई जगह मिट्टी के पैच बन गए हैं, जिससे दौड़ते और खेलते समय संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। मैदान की जल्द मरम्मत होनी चाहिए।
-शुभम गुलेरिया, खिलाड़ी, निवासी अवाहदेवी
खेल मैदान में घास की अच्छी परत होना जरूरी है, लेकिन यहां कई जगह घास गायब है। इससे अभ्यास करने में दिक्कत होती है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद मैदान की ऐसी हालत नहीं होनी चाहिए।
-अभिषेक कौशल, खिलाड़ी, निवासी मुख्य बाजार
मैदान की देखरेख की अवधि खत्म होने के बाद इसकी स्थिति बिगड़ रही है। घास के साथ रेलिंग भी क्षतिग्रस्त है। संबंधित विभाग को मैदान की नियमित देखभाल करनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
-साहिल कुमार, खिलाड़ी, निवासी मुख्य बाजार
खेल मैदान पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन एक साल में ही घास उखड़ना चिंता का विषय है। मैदान की नियमित देखरेख होनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिल सके।
-अश्वनी कुमार, निवासी सराहकड़
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद
हमीरपुर स्कूल के खेल मैदान में पड़े पैच। संवाद