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बादलों की आंख-मिचौनी के बीच दिखा सूर्य ग्रहण

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एक्सरे स्क्रीन से बड़सर में सूर्य ग्रहण देखते लोग। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। जिलाभर में रविवार को बादलों की आंख मिचौनी के बीच सूर्य ग्रहण देखा गया। लोगों ने रंगीन चश्में, एक्सरे स्क्रीन और अन्य उपकरणों से सूर्य ग्रहण को देखा। हमीरपुर, नादौन, बड़सर, बिझड़ी, सुजानपुर और भोरंज आदि कस्बों में सूर्य ग्रहण का यह पल लोगों में काफी रोमांचकारी कोतुहल और जिज्ञासा वाला रहा।
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इस सूर्य ग्रहण को चरम सीमा तक पहुंचते-पहुंचते क्षेत्र भर में अंधेरा हो जाने जैसा आभास होने लगा और लोग अपने घरों में ही दुबकने लगे। जिससे चारों ओर सन्नाटा छा गया। परंतु वैज्ञानिकों द्वारा नंगी आंखों से इसे ना देखने की चेतावनी के बावजूद भी बादलों में से साफ दिखाई देने वाले ग्रहण के गोल्डन रिंग की खगोलीय घटना का नजारा भारी संख्या में लोगों ने अपने घरों के आंगन तथा छतों से देखा।
ग्रहण के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों के बाहर पूजा-अर्चना के लिए जुटी रही तथा लोगों ने धार्मिक कर्मकांड तथा रस्मों की शरण लेकर प्रभु से अपने उज्जवल भविष्य तथा अनिष्ठ ग्रहों की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं। ग्रहण के बाद व्यास नदी में भी स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। दोपहर लगभग 12:00 बजे ग्रहण के अपनी चरम सीमा तक पहुंचने के बाद अंधेरे जैसा आभास होने लगा। परंतु ग्रहण के आरंभ काल 9:00 बजे के बाद ही सड़कों पर ग्रहण समाप्त होने के समय 3:00 बजे तक सड़के तथा गलियां बिरानी देखने को मिली।
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वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य के आगे चंद्रमा के आ जाने से यह खगोलीय घटना घटती है और नंगे आंखों से देखने पर सूर्य से निकलने वाली पैराबैंगनी किरणें मनुष्य की आंखों की नजर पर दुष्प्रभाव डाल सकती हैं। कई लोग तो इस खगोलीय घटना को वेल्डिंग ग्लास से देखते देखे गए। परंतु बादलों में से धीमी रोशनी में से दिख रहे सूर्य का नजारा काफी लोगों ने लिया। वैदिक पद्धति के अनुसार ग्रहण के समय किए गए पूजा पाठ तथा दान पुण्य का फल हजारों गुना अधिक मिलने की आस्था व विश्वास लोगों में पाया जाता है।
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