रावमापा मटाहनी में बीते करीब एक दशक से चल रही स्कूल कैंटीन को लेकर स्कूल प्रशासन और स्कूल प्रबंधन समिति आमने-सामने है। स्कूल प्रशासन ने कैंटीन संचालक को नोटिस जारी कर कैंटीन भवन खाली करने के फरमान जारी कर दिए हैं। स्कूल प्रशासन ने पिछली एसएमसी की बैठक में पारित प्रस्ताव को आधार बनाकर नोटिस जारी किया है। जबकि इस स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक नहीं चाहते कि स्कूल कैंटीन को यहां से खाली किया जाए।
अभिभावकों का कहना है कि कैंटीन में विद्यार्थियों के खाने-पीने की सामग्री समेत स्टेशनी का सामान मिलता है। अगर कैंटीन को बंद कर दिया गया तो विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। वर्ष 2007 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने इस स्कूल को हाई से सीनियर सेकेंडरी में स्तरोन्नत किया था। स्कूल के आसपास कोई दुकान न होने के कारण तत्कालीन एसएमसी ने प्रस्ताव पारित किया कि जो व्यक्ति सवा लाख रुपये की अनुमानित लागत से स्कूल परिसर में कैंटीन भवन का निर्माण करवाएगा कैंटीन उसे मासिक किराये पर दी जाएगी।
इस पर गांव के एक भूतपूर्व सैनिक ने अनुमानित राशि जमा करवाकर कैंटीन भवन का निर्माण करवाया और उसके बाद आज तक मासिक किराये पर कैंटीन का संचालन कर रहा है, लेकिन मार्च में पूर्व एसएमसी कमेटी ने कैंटीन को खाली करवाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। इस प्रस्ताव को स्कूल प्रशासन अब लागू कर रहा है। जबकि वर्तमान एसएमसी कमेटी और बच्चों के अभिभावक नहीं चाहते कि कैंटीन बंद हो। उधर, स्कूल प्रिंसिपल वंदना धीमान ने कहा कि स्कूल में हेल्थ केयर विषय शुरू किया जा रहा है। कैंटीन भवन को लैब के तौर पर प्रयोग करने की योजना है। पूर्व एसएमसी ने कैंटीन को बंद करने का निर्णय लिया है।