हमीरपुर। भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन हर्ष, उल्लास और परंपरा पूर्वक मनाया गया। सुबह से घरों में पर्व की तैयारियां होने लगी।
खुद सज धजकर बहनों ने भाइयों के लिए आरती की थाल सजाई। इसमें राखियों के साथ हल्दी, चावल, दीपक और मिठाई आदि रखा गया। बहनों ने भाइयों को टीका लगाकर उनकी आरती उतारी और कलाई पर प्यार का धागा राखी बांधी। भाइयों ने बहनों को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।
रेशम की डोरी के धागे भले ही कच्चे हों, लेकिन इसके पीछे का स्नेह अटूट और बेहद मजबूत होता है। बहन-भाई के प्यार का प्रतीक इस त्योहार को लेकर घर-घर में व्यापक तैयारियां की गई थीं। सप्ताह भर से पर्व की तैयारियां की जा रहीं थीं। रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजार में भी खासी भीड़ रही।
शहर की छोटी-बड़ी दुकानों से लेकर फुटपाथ तक रंग-बिरंगी राखियों की भरमार नजर आई। महिलाएं भाई के लिए सबसे सुंदर राखी चुनने में व्यस्त दिखीं। कई बहनों ने ऑनलाइन माध्यम से भी राखियों की खरीदारी की है। मिठाइयों की दुकानों में भी दिनभर भीड़ उमड़ी रही।
बॉक्स
महिलाओं ने उठाया निशुल्क बस सुविधा का लाभ
रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को एचआरटीसी ने निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया। सूर्य उदय से सूर्य अस्त तक महिलाओं ने बसों में निशुल्क सफर किया। अवकाश होने के कारण सुबह से ही बस अड्डा हमीरपुर सहित बस ठहराव वाली जगहों पर भीड़ रही। महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए रवाना हुईं। हालांकि कई महिलाओं ने सरकारी बसों में भीड़ को देखते हुए निजी बसों का भी सहारा लिया। अवकाश के दिन निजी बस कम संख्या में रूटों पर चलती हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर्व पर निजी बसें भी सामान्य दिनों की भांति सड़कों पर दौड़ीं।
बस अड्डा हमीरपुर में बसों का इंतजार करते लोग। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक
बस अड्डा हमीरपुर में बसों का इंतजार करते लोग। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक