हमीरपुर। जिलेभर के 150 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्कूलों में प्रतिनियुक्ति या एक ही शिक्षक के सहारे छह कक्षाओं की पढ़ाई का जिम्मा है।
ऐसे में शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों पर पर्याप्त ध्यान देना मुश्किल हो रहा है। लंबे समय से स्कूलों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं, जिसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्तमान में जिले के छह शिक्षा खंडों में 403 प्राथमिक पाठशालाएं हैं। इनमें जेबीटी, मुख्य शिक्षक और केंद्रीय मुख्य शिक्षक के 1121 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें कई पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
एक शिक्षक को सुबह की प्रार्थना सभा से लेकर मिड-डे मील और छुट्टी तक की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। ऐसे में बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान नहीं मिल पा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले ही छात्र संख्या घट रही है और अब शिक्षकों की कमी ने स्थिति और खराब कर दी है। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द रिक्त पद भरने की मांग की है।
कोट
रिक्त पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। शीघ्र ही रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी न हो।
-कमल किशोर भारती, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर