हमीरपुर। एचआरटीसी वर्कशॉप हमीरपुर में बसों को खड़ा करने के लिए जगह की कमी अब यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ने लगी है। पर्याप्त पार्किंग सुविधा न होने के कारण कई बसों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ रहा है। इससे जाम की स्थिति बन रही है और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वहीं, बसों की खराबी और मरम्मत में लगने वाला समय समस्या को और गंभीर बना रहा है। एचआरटीसी वर्कशॉप हमीरपुर में एक समय में करीब 25 बसों को खड़ा किया जा सकता है।
निगम की कई बसें खराब होने के बाद मरम्मत के लिए वर्कशॉप पहुंचती हैं, जिससे उपलब्ध जगह कम पड़ जाती है। इसका असर यातायात पर पड़ता है और सड़क से गुजरने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
वर्कशॉप में पहुंचने वाली सभी बसों की मरम्मत कम समय में पूरी नहीं हो पाती। कुछ बसों में अधिक खराबी होने के कारण वे लंबे समय तक वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
इससे पार्किंग की जगह घिरी रहती है और अन्य बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। नतीजतन, बसों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
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बसों की खराबी से यात्रियों की भी बढ़ रही परेशानी
एक ओर सड़क के किनारे बसें खड़ी होने से जाम की समस्या पैदा हो रही है, वहीं दूसरी ओर बसों में बार-बार खराबी आने से यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर बस सेवा उपलब्ध न होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी होती है। हालांकि निगम प्रबंधन का दावा है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से काफी हद तक बस खराब होने की समस्या खत्म हुई है।
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बसों में खराबी आने पर उन्हें जल्द ठीक करवाया जाता है। नए बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है, जहां पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था रहेगी।
-राज कुमार पाठक, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर मंडल