हमीरपुर। शहर में प्रस्तावित सिटी सेंटर का निर्माण तय समय में पूरा करना चुनौती बनता नजर आ रहा है। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 माह की समयसीमा निर्धारित है, लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले पुराने बस अड्डे की दुकानों को खाली करवाने की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) हमीरपुर के पुराने बस अड्डे की जमीन नगर निगम को सौंप चुका है। इसके बाद दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन करीब दो माह में केवल तीन-चार दुकानें ही खाली हो पाई हैं।
दुकानों को खाली करवाने की जिम्मेदारी प्रशासन के स्तर पर है, जबकि लोक निर्माण विभाग खाली होने का इंतजार कर रहा है, ताकि निर्माण प्रक्रिया शुरू की जा सके।
कुछ लीजधारी दुकानदार भी दुकानें खाली करने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं और प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे सिटी सेंटर के निर्माण के लिए 18 माह की समयसीमा तय है, जबकि प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल में करीब 16 माह ही शेष हैं।
निर्माण शुरू होने के बाद पुराने ढांचे को गिराने और मलबा हटाने में भी समय लगेगा। ऐसे में दुकानों को जल्द खाली नहीं करवाया गया तो तय अवधि में सिटी सेंटर का निर्माण पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
कोट :
दुकानों के हटाने के बाद ही विभाग की ओर से आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। अगर दुकानों को हटा दिया जाता है, तो विभाग काम शुरू कर देगा। -
दीपक कपिल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग हमीरपुर
सरकार की ओर से एक टीम ने निरीक्षण करना है। अभी तक टीम नहीं आई है। टीम के निरीक्षण के बाद आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। शीघ्र ही दुकानों को भी हटा दिया जाएगा।
-गंधर्वा राठौड़, उपायुक्त हमीरपुर