टौणी देवी (हमीरपुर)। बीएससी नर्सिंग की डिग्री कर चुकी ऊहल की रजनी चौहान ने स्वरोजगार की राह चुनकर सफलता की कहानी रची है। निजी क्षेत्र के विकल्पों को छोड़ वह घर से कारोबार शुरू कर दूसरों को भी महिला सशक्तिकरण का संदेश दे रही हैं।
नौकरी से जहां उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये आय होती थी। वहीं, अब घर पर स्वयं तैयार किए गए उत्पादों से वह 25 से 30 हजार रुपये हर महीने कमा रही हैं।
वोकल फॉर लोकल और पारंपरिक रीति रिवाजों को संजोने के साथ वह परिवार की जिम्मेदारियां भी निभा रही हैं। घर पर परिवार के सदस्यों की देखभाल के साथ वह शादी-विवाह में ऑर्डर लेती हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह अच्छी आय हो जाती है।
रजनी के पति इंजीनियर विनय ठाकुर चंडीगढ़ में निजी कंपनी में कार्यरत हैं। रजनी ने तीन वर्ष पूर्व चंडीगढ़ में निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद को छोड़कर कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया। रजनी ने बताया कि चंडीगढ़ से ऊहल तक का सफर आसान नहीं था। हालांकि, यहां काम शुरू किया और अच्छा रिस्पांस मिला। अब लगातार नई चीजें सीखकर खुद के साथ दूसरों को आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़ाने में जुटी हूं। संवाद
रजनी चौहान। संवाद
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रजनी चौहान। संवाद
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