हमीरपुर। आयुष विभाग के संस्थानों को स्वास्थ्य एवं वेलनेस का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन सुविधाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। जिला के सात आयुष चिकित्सा संस्थानों को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है।
इस कारण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को नसीब नहीं हो रही हैं। कई जगह भवन निर्माण के लिए जमीन नहीं मिल रही है, तो कहीं भवन तैयार है पर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित नहीं हुई हैं। जिला में करीब 78 आयुष स्वास्थ्य संस्थान हैं, जिसमें से करीब सात संस्थानों का अन्य भवनों से संचालन हो रहा है। इनमें पांच संस्थानों का विभाग को कोई पैसा नहीं देना पड़ता है, जबकि दो संस्थानों का किराया देना पड़ता है।
किराये के संस्थानों में मरीजों को सही तरीके से स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता है, जिस कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दलचेड़ा में आयुष स्वास्थ्य केंद्र का भवन तैयार है, जिस पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इन भवन से अभी तक स्वास्थ्य सेवाएं संचालित नहीं हुई हैं। वहीं, चंबेह में भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चली हुई है। यहां पर भी करीब 90 लाख रुपये खर्च होने हैं। हालांकि आयुष विभाग का तर्क है कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं।
कोट
सात आयुष चिकित्सा संस्थानों को अपना भवन नहीं मिल पाया है। दो भवनों का किराया देना पड़ता है। अन्य रेंट फ्री सुविधा मिली है। उच्च अधिकारियों को भवनों की स्थिति से अवगत करवाया गया है।
-बृजनंदन शर्मा, जिला आयुष अधिकारी