उद्यान विभाग हमीरपुर ने की पौधों के रखरखाव के लिए तीन कदम उठाने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सर्दियों के समय में फलदार पौधों में वैज्ञानिक तरीके से खाद डालकर और तौलिए बनाकर बेहतर पैदावार ली जा सकती है। जिला उद्यान विभाग हमीरपुर की ओर से फलदार पौधों की सर्दियों में देखरेख को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गई है। इस एडवाइजरी के तहत तीन कदम उठाकर बागवान फलदार पौधों से बेहतर पैदावार हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कोहरे से बचाव को लेकर भी एडजवाइजरी जारी की गई है।
इन तीन उपायों में फलदार पौधों के डेढ़ फीट के दायरे में 15 सेंटीमीटर चौड़ी और गहरी पट्टी बनाने, पौधों की आयु और किस्म के अनुसार बताई गई खाद डालने और खाद डालने के बाद हटाई गई मिट्टी को दोबारा डाल कर पौधे के तौलिए पर ऊंची सूखी घास से ढक दें। पौधों में प्रति पौधा 10 किलो खाद और 12-32-16 खाद प्रति पौधा 250 ग्राम तक डाली जा सकती है।
इस तरह से फलदार पौधों का रखरखाव कर बागवान बेहतर पैदावार ले सकते हैं। जिला उद्यान विभाग की ओर से शिवा प्रोजेक्ट के तहत लगे क्लस्टर में बागवानों को बाकायदा इसका प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान की ये तस्वीरें भी किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि वह इस तकनीक को अपना कर बेहतर पैदावार ले सकें।
कोहरे से इस तरह करें बचाव
पौधों को कोहरे से बचाने के लिए फल पौधशालाओं को नाईलोन की 50 प्रतिशत छाया वाली जाली से ढक देना चाहिए। बड़े फलदार पौधों के तनों में वोर्डो मिक्सचर (एक किलो कॉपर सल्फेट, एक किलो अनबुझा चूना और 1-3 लीटर अलसी का तेल) या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का मिश्रण बनाकर जमीन से डेढ़-दो फीट ऊपर तक तनों पर लेप लगाना चाहिए।
कोट
बागवानों को वैज्ञानिक तरीके से पौधों में खाद डालने और तौलिए बनाने के तरीकों को अपनाकर अच्छी पैदावार लेनी चाहिए। खाद का उचित प्रयोग और सही ढंग से तौलिया बनाना बेहद जरूरी है।-राजेश्वर परमार उपनिदेशक उद्यान विभाग हमीरपुर