राजकीय माध्यमिक पाठशाला लुद्दर महादेव में छत का प्लास्टर गिरने से तीन छात्राएं घायल हो गई। तीनों छात्राओं को प्राथमिक उपचार के लिए भोरंज अस्पताल ले जाया गया है, जहां उपचार के बाद तीनों छात्राओं को छुट्टी दे दी गई। जिस समय नौवीं कक्षा में छत का प्लास्टर गिरा उस समय करीब 40 विद्यार्थी पढ़ रहे थे।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला लुद्दर महादेव में दोपहर बाद नौवीं कक्षा में पढ़ाई चल रही थी। इस दौरान करीब कक्षा में 40 विद्यार्थी बैठे थे। अचानक क्लासरूम की छत का प्लास्टर गिर गया जिससे वहां बैठी तीन छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद तीनों घायल छात्रों को प्राथमिक उपचार के लिए भोरंज अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के बाद तीनों छात्राओं को घर भेज दिया गया। वर्तमान में स्कूल भवन की हालत काफी जर्जर है।
स्कूल भवन का निर्माण वर्ष 1995 में खतरबाड़ गांव के दुनी चंद ने पत्नी स्व. उर्मिल देवी और बेटे बलबीर सिंह की याद में बनवाया था, लेकिन उसके बाद विभाग ने भवन की सुध नहीं ली। यहां तक कि स्कूल के एक कमरे में मधुमक्खियों ने डेरा जमा रखा है। स्कूल प्रबंधन ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। कई बार मधुमक्खियां बच्चों को काट चुकी है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल भवन को असुरक्षित घोषित कर नए भवन का जल्द निर्माण किया जाए।
उधर, स्कूल मुख्याध्यापक रमेश चंद का कहना है कि प्लास्टर गिरने से तीन छात्राओं को चोटें आई हैं। वहीं भोरंज अस्पताल के चिकित्सक डॉ. ललित कालिया का कहना है कि तीनों बच्चियों को उपचार दे दिया गया है।