हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में स्कूल प्रधानाचार्य के लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों पर चिंता व्यक्त की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष यशवीर जंवाल, प्रधान जिला हमीरपुर केवल ठाकुर, प्रदेश महामंत्री कमल किशोर शर्मा ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से स्कूल प्रधानाचार्य की कोई भी पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई है। वर्तमान में जहां प्रधानाचार्य के लगभग 300 पद खाली हैं, वहीं इस वर्ष के अंत तक 262 पद और खाली हो जाएंगे। अगर जिला उप निदेशकों के खाली पदों को मिलाया जाए तो लगभग इन खाली पदों की संख्या कुल प्रधानाचार्य के पदों के एक तिहाई हो जाएगी। शिक्षा विभाग से कई बार मांग करने के बाद भी पदोन्नति सूची जारी नहीं की जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रवक्ता की वरिष्ठता सूची संबंधी मामला न्यायालय में लंबित होने का हवाला देकर इससे पल्ला झाड़ लेते हैं।
लेकिन, विभागीय आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग में हजारों मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं और बहुत से मामले इनमें न्यायालय की अवमानना से संबंधित हैं। पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता से संबंधित अवमानना का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने पूर्व सैनिक कोटे से संबंधित 19 अध्यापकों को मुख्य अध्यापक के पद पर पदोन्नति हाल ही में दी है और अगर शिक्षा विभाग को न्यायालय का इतना ही डर है तो उक्त पदोन्नतियां प्लेसमेंट के आधार पर भी की जा सकती हैं। अगर यह पदोन्नति सूची जारी की जाती है तो 1989 के बैच का टीजीटी एवं 1997 का सीधी भर्ती वाला प्रवक्ता प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत होगा। इन पदोन्नतियों से शिक्षा विभाग में कार्यरत सबसे बड़े 26000 की टीजीटी काडर के साथ सीधी भर्ती वाले 8000 स्कूली प्रवक्ताओं को सीधा सीधा फायदा पहुंचेगा।