गर्मी से पहले हमीरपुर के बाशिंदों के हलक तर करने की योजना फेल हो गई है। हमीरपुर शहर के 35 हजार लोगों को अप्रैल माह से दिन में दो बार पेयजल उपलब्ध करवाने की योजना बजट के अभाव में लटक गई है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग कई बार बजट की मांग कर चुका है लेकिन बजट नहीं मिल पाया। निर्माण सामग्री और मजदूरी का भुगतान न होने से निर्माण में जुटे ठेकेदारों ने भी योजना का कार्य बीच में रोक दिया है।
भारत सरकार की शहरी पेयजल स्कीम के तहत नगर परिषद हमीरपुर के लिए 64 करोड़ का बजट मंजूर हुआ था। इस योजना के तहत हमीरपुर शहर में 13 ओवरहेड जबकि तीन अंडरग्राउंड सहित कुल 16 पेयजल टैंकों का निर्माण होना था।
वर्तमान में शहर में एक ही समय पेयजल मिल रहा है। विभाग प्रति व्यक्ति 135 लीटर पेयजल देने का दावा कर रहा है। आईपीएच विभाग ने योजना के तहत 2012 में टेंडर से ठेकेदार को निर्माण कार्य भी सौंप दिया।
केंद्र से मिले 40 करोड़ के बाद विभाग ने योजना का 70 फीसदी कार्य पूरा कर लिया है। टेंडर की शर्तों के मुताबिक मार्च 2016 में योजना का कार्य पूरा होना था लेकिन बीते छह माह से शेष बजट नहीं मिल पाया। बजट न मिलने से ठेकेदारों को मैटीरियल और मजदूरों को भुगतान करना मुश्किल हो गया। मजबूरन योजना का कार्य रोकना पड़ा।
हमीरपुर शहर के लिए केंद्र से 64 करोड़ की पेयजल स्कीम स्वीकृत है। 2012 में योजना पर कार्य शुरू हुआ और मार्च 2016 में यह कार्य पूरा होना था। हालांकि, केंद्र से योजना के लिए अभी तक 40 करोड़ ही मिले हैं। शेष 24 करोड़ मिलना बाकी है।
- ई. नीरज भोगल, एक्सईएन, आईपीएच, हमीरपुर