हमीरपुर। वन आवरण को बढ़ाना और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रदेश सरकार अब पौधरोपण पर बजट राशि प्रदान करेगी। जिले में पौधरोपण के लिए वन विभाग ने 18 हेक्टेयर भूमि को चयनित कर लिया है। शीघ्र ही भूमि पर पौधरोपण कार्यक्रम शुरू होगा।
राजीव गांधी वन संवर्द्धन योजना के तहत जिलेभर में स्वयं सहायता समूह व युवा मंडल पौधरोपण के लिए कार्य करेंगे। योजना के तहत विभिन्न प्रकार के मौसम अनुकूल पेड़ लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ होगा। प्रति हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण के लिए प्रत्येक समूह को 1.20 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। पौधों की देखभाल के लिए भी भविष्य में बजट राशि दी जाएगी।
सरकार की ओर से इस योजना की ऑनलाइन माॅनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए जिओ टैग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। वन विभाग योजना की ऑनलाइन माॅनिटरिंग करेगा। स्वयं सहायता समूहों या युवा मंडलों को योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी वन रक्षक या क्षेत्रीय वन अधिकारी से संपर्क करना होगा।
पौधरोपण में भौगोलिक स्थिति के अनुसार प्रजातियों खैर, कचनार विशेष रूप से फलदार पौधों को रोपा जाएगा। इससे न सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि गांव के लोगों को भी फल और लकड़ी का लाभ मिल सकेगा। ग्रामीण स्तर पर योजना को शुरू करने से युवाओं व महिलाओं को घर के नजदीक कार्य मिलेगा। वहीं, पौधों की देखभाल भी आसानी से होगी।
कोट
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत जिले में भूमि चिन्हित कर ली गई है। चयनित भूमि पर पौधरोपण अभियान शुरू होगा। प्रत्येक युवक मंडल व स्वयं सहायता समूह को पौधरोपण के लिए 1.20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि, जबकि देखभाल के लिए भी अलग से बजट जारी होगा।
-नितिन खोजान नेगी, एसीएफ, वन विभाग, हमीरपुर