मेले हमारी प्राचीन संस्कृति की पहचान और धरोहर : संजय
सायर पर्व पर आगामी तीन दिन तक लगेगा भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज/जाहू(हमीरपुर)। दो जिलों हमीरपुर और बिलासपुर के संगम स्थल लदरौर कलां में तीन दिवसीय सायर मेले का आगाज बाबा लखमीर दास के मंदिर में झंडा चढ़ाने की रस्म और ढोल की थाप पर हुआ। ऐतिहासिक सायर मेले का शुभारंभ भोरंज के एसडीएम संजय स्वरूप ने सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह के छठे भाई बाबा लखमीर दास के मंदिर में पूजा-अर्चना करके किया गया। उन्होंने लोगों को सायर पर्व की बधाई दी। कहा कि लदरौर का सायर मेला ऐतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है और लोगों की धार्मिक आस्था का प्रतीक बन गया है। इसलिए इस मेले का वर्षों से आयोजन किया जा रहा है। मेले हमारी प्राचीन संस्कृति की पहचान और धरोहर है। यह आपसी भाईचारे और मेलजोल की भावना को पैदा करते हैं। ऐसे में मेलों को संरक्षित करने में सभी लोगोंं का सहयोग होना जरूरी है। लदरौर का सायर मेला काफी पुराना है। इसे विकसित करने और आकर्षण बनाने के लिए प्रशासन पंचायत प्रतिनिधियों व स्थानीय मंदिर कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर प्रयास करेगा। उन्होंने मेला कमेटी के सदस्यों व झरलोग पंचायत प्रतिनिधियों की मेले के सफल आयोजन के लिए सराहना की।
छह महिला मंडलों लदरौर खुर्द, लदरौर कलां, लठवान, धसमांही, दशमल व साहरवीं के सदस्यों ने मेले के शुभारंभ पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब मनोरंजन किया। एसडीएम संजय स्वरूप ने बाबा लखबीर दास मंदिर के विकास के लिए मंदिर कमेटी को 21 हजार देने की घोषणा की। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं झरलोग पंचायत के पूर्व प्रधान नरेश ठाकुर ने भी अपने संबोधन में मंदिर के इतिहास से अवगत करवाया। कार्यक्रम में झरलोग पंचायत प्रधान मोनिका, मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विजय ठाकुर, उपाध्यक्ष अनुपमा, सचिव संजीव कुमार, कोषाध्यक्ष केहर सिंह, सदस्य तारो देवी, रतनी देवी, कुलदीप सिंह, रणवीर सिंह, बनीता देवी, जितेंद्र कुमार, जोगिंद्र सिंह राणा, जगत ठाकुर, सुभाष सोनी और अन्य उपस्थित रहे। बाबा लखमीर दास मंदिर कमेटी के प्रधान विजय ठाकुर ने कहा कि हर घर में सायर पूजन करके सायर पर्व मनाया गया है। सायर मेले में हर वर्ष की तरह तीन दिनों तक बाबा लखमीर दास के मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।