सर्किट हाउस हमीरपुर का नवनिर्मित 16 कमरों का भवन शिलान्यास और उद्घाटन पट्टिकाओं को दीवारों पर स्थापित करने तक सिमट गया लगता है। करीब एक साल से यह नवनिर्मित भवन खंडहर बना हुआ है।
ढाई करोड़ की लागत से निर्मित इस बहुमंजिले भवन के लोकार्पण के एक साल बाद भी फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस भवन का शिलान्यास दो नवंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था। वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही इस बहुमंजिले भवन का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। भवन तो बन चुका है लेकिन बजट के अभाव में बेड, टेबल सहित अन्य फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाई।
बिना फर्नीचर एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के ही इस बहुमंजिले भवन का मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीते वर्ष 11 अप्रैल 2015 को लोकार्पण किया। लोकार्पण को एक साल बीत जाने के बाद भी भवन के मुख्य गेट पर ताला लगा है।
लोनिवि और जिला प्रशासन कई बार प्रदेश सरकार के समक्ष फर्नीचर के लिए बजट मांग चुका है लेकिन अब तक महज आश्वासन ही मिले हैं। हमीरपुर के लिए स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन के लिए इस सर्किट हाउस को प्रयोग में लाने की बातें भी शुरू हुईं।
फिर इसे पर्यटन विकास निगम के सुपुर्द करने की चर्चाएं शुरू हो गईं। विरोध के बाद सरकार ने इस भवन को मेडिकल कॉलेज और टूरिज्म को देने से इंकार कर दिया। हालांकि, अभी तक यह सर्किट हाउस आम लोगों के लिए खोला नहीं जा सका है।
सर्किट हाउस पर 2.31 करोड़ रुपये की राशि खर्च हो चुकी है। इस भवन में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। 3.30 करोड़ रुपये के रिवाइज्ड बजट की स्वीकृत मिल गई है। शीघ्र फर्नीचर की व्यवस्था कर इस भवन को चालू कर दिया जाएगा।
- एनपीएस सिंह, एक्सईएन, लोनिवि, हमीरपुर