संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में बारिश का क्रम लगातार जारी है। एनआईटी हमीरपुर के पास ढलवाना पेयजल योजना के तहत पंप हाउस पर आधी रात को बड़ी-बड़ी चट्टानें गिर गईं, जिससे पंप हाउस को करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं, पंप हाउस पर आउटसोर्स कर्मी सोया हुआ था। रात को करीब 12:00 बजे भूस्खलन हुआ और पहले एक चट्टान गिरी। चट्टान गिरने की आवाज पर व्यक्ति उठ गया और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद लगातार चट्टाने गिरने से पंप हाउस में मलवा भर गया, जिससे पेयजल योजना ठप हो गई।
इसमें पंप हाउस को भी काफी क्षति हुई है। इस योजना से एनआईटी हमीरपुर को रोजाना दो से तीन लाख लीटर पानी आवंटित किया जाता है। वहीं, हमीरपुर-सुजानपुर सड़क पर चबूतरा के पास भूस्खलन से कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया। करीब, 12:00 बजे विभाग ने यहां पर गिरे मलबे को हटवाकर यातायात को बहाल करवाया।
अब एनआईटी हमीरपुर में पेयजल किल्लत की समस्या पेश आएगी। हालांकि जल शक्ति विभाग का दावा है कि एनआईटी को सुजानपुर की ब्यास नदी की योजना से भी पानी की आपूर्ति होती है। बारिश से जिले में जल शक्ति विभाग की करीब 60 पेयजल योजनाएं ठप थीं। इनमें से शाम तक 30 पेयजल योजनाओं को बहाल कर लिया गया है। विभाग को 24 घंटों में एक करोड़ 88 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं, बिजली बोर्ड के करीब 19 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसमें 24 घंटे में करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को 24 घंटों में तीन करोड़ 80 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं, चौथे दिन समीरपुर से बाकर खड्ड वाया मतलाणा सड़क मार्ग बहाल हो गया है।
हालांकि इस सड़क मार्ग पर केवल दोपहिया वाहनों को गुजरने दिया जा रहा है। डंगा टूटने के कारण यह मार्ग चार दिन से बंद था। इसके अलावा पांच कच्चे मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है और एक डंगे के साथ-साथ 14 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई है।
ढलवाना पंप हाउस पर गिरी चट्टानें। स्रोत : जलशक्ति विभाग- फोटो : संवाद
ढलवाना पंप हाउस पर गिरी चट्टानें। स्रोत : जलशक्ति विभाग- फोटो : संवाद