हमीरपुर। कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं के चलते विवादों में चल रही कृषि सहकारी सभा संगरोह के शेयरधारक अब मिच्योरिटी के बाद भी जमा राशि नहीं मिलने से परेशान हैं।
मंगलवार को पांच शेयरधारक सहायक पंजीयक कार्यालय हमीरपुर पहुंचे और एफडी-आरडी की जमा राशि वापस नहीं मिलने की शिकायत की। शेयरधारकों के अनुसार सभा में उनकी करोड़ों रुपये की राशि जमा है, लेकिन मियाद पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।
इसी बीच सभा की प्रबंधन कमेटी को लेकर स्थिति बदल गई है। सात सदस्यीय कमेटी में इस्तीफा देने वाले दो सदस्यों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। इससे कमेटी में चार सदस्य हो गए हैं।
सहकारिता विभाग के अनुसार चार सदस्य होने पर कमेटी प्रधान और उपप्रधान का चुनाव करवाने में सक्षम है। ऐसे में फिलहाल सभा में प्रशासक नियुक्त नहीं किया जाएगा।
कमेटी ने सामूहिक इस्तीफा देते समय विभाग पर सभा का ऑडिट नहीं करवाने के आरोप लगाए थे। विभाग ने इन आरोपों को आधारहीन बताते हुए कमेटी के साथ किए गए पत्राचार का हवाला दिया है। विभाग के अनुसार कमेटी को समय-समय पर ऑडिट करवाने और रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए थे।
सभा में कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच पहले से चल रही है। सहकारिता विभाग धारा 69(2) के तहत जांच कर रहा है। विभागीय जांच में 10 बिंदुओं पर खामियां सामने आई थीं।
जांच अधिकारी ने 18 मार्च 2025 को रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद कमेटी को पूर्व सचिव के खिलाफ कार्रवाई और गबन और धोखाधड़ी के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए गए थे।
सभा के मामले की जांच पिछले डेढ़-दो साल से चल रही है। तत्कालीन सहायक पंजीयक वीना धीमान के सेवानिवृत्त होने के बाद अब सहायक पंजीयक रवि कुमार मामले को देख रहे हैं। विजिलेंस भी जांच कर रही है। भोरंज थाना में निवेशक की शिकायत पर मामला दर्ज है, जबकि चेक बाउंस के मामले अदालत और उपभोक्ता अदालत तक पहुंच चुके हैं।
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दो सदस्यों ने इस्तीफा वापस लिया है। कमेटी में अब चार सदस्य हो गए हैं, जो प्रधान-उपप्रधान के चुनाव के लिए सक्षम है। ऑडिट न करवाने के आरोप आधारहीन हैं। कुछ शेयरधारकों ने मंगलवार को कार्यालय पहुंचकर पैसा वापस नहीं मिलने की शिकायत की है। विभाग की ओर से इस विषय पर की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत करवाया गया है।
-रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर