हमीरपुर। राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और प्रदेश महासचिव विजय हीर ने प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश सरकार टीजीटी शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए उनकी लंबित प्रवक्ता पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करे। प्रवक्ता से प्रधानाचार्य पदोन्नति सूची के निकलने में हो रही देरी 600 टीजीटी शिक्षकों की पदोन्नति तीन माह से लटकाने की वजह बनी हुई है।
प्रवक्ता से प्रधानाचार्य पदोन्नति में देरी के पीछे पदोन्नति कोटा सीमा अनुसार प्रमोशन और हेडमास्टर से प्रधानाचार्य में दो माह की शेष अवधि में छूट देने की मांग पर कोई अंतिम निर्णय न होने के चलते विलंब हो रहा है। ऐसे में अनेकों टीजीटी शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति के लिए पात्र होने के बावजूद पदोन्नत नहीं हो रहे और कई टीजीटी बिना प्रमोशन पाए ही रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार प्रवक्ता से प्राचार्य पदोन्नति के बारे में शीघ्र अंतिम निर्णय ले और उनके पद रिक्त होने पर प्रस्तावित टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति सूची जारी करे। संघ ने प्रदेश समग्र शिक्षा अभियान के तहत बीआरसीसी भर्ती नीति निर्माण प्रक्रिया को शीघ्र फाइनल करने की गुजारिश की है।
प्रदेश के अधिकांश खंडों में इस समय कोई भी बीआरसीसी तैनात नहीं है। इससे अभियान के तहत काम चलाना खंड परियोजना अधिकारियों के लिए अतिरिक्त कार्यभार बन गया है। ऐसे में स्कूलों की एसएसए ग्रांट्स को फ्रीज किया जा रहा है। इससे स्कूल ग्रांट भी खर्च नहीं कर पा रहे।