हमीरपुर। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध ट्रस्ट के अधीन संचालित संस्कृत महाविद्यालय चकमोह में विद्यार्थियों को 45 वर्ष बाद भी छात्रावास की सुविधा नहीं मिल पाई है। हालात ऐसे हैं कि महाविद्यालय में दाखिल विद्यार्थी किराए के कमरों में रहने को मजबूर हैं। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध ट्रस्ट के अधीन संस्कृत महाविद्यालय में हमीरपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों से विद्यार्थी संस्कृत की शिक्षा ग्रहण करते हैं।
स्थानीय लोगों राकेश कुमार, विधि चंद, रमेश चंद, विजय, संतोष, जगदीश, मोहन ठाकुर, सुनील ठाकुर आदि ने कहा कि महाविद्यालय में 100 विद्यार्थी दाखिल हैं। लेकिन, विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने में मंदिर न्यास असमर्थ साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के लिए छात्रावास बनाने के लिए चकमोह के समाजसेवी ने आठ मरले भूमि भी दान की है, लेकिन भूमि उपलब्ध होने के बाद भी विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। इस बारे में एसडीएम बड़सर एवं बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध ट्रस्ट के अध्यक्ष रोहित शर्मा ने बताया कि इस बारे में पता किया जाएगा कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है।