हमीरपुर। खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से उचित मूल्य की दुकानों (डिपुओं) तक पहुंचने वाले राशन में वजन कम आने का आरोप लगाते हुए प्रदेश डिपो संचालक समिति ने विभाग और निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार राशन की बोरियों में 2 से 8 किलोग्राम तक की कमी पाई जा रही है, जिससे डिपो संचालकों को उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध करवाने में दिक्कत आ रही है।
प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि ने बताया कि डिपो संचालक हर माह राशन कार्डों की संख्या के अनुसार विभाग को डिमांड भेजते हैं और परमिट के आधार पर पूरी राशि अग्रिम जमा करवाई जाती है, लेकिन इसके बावजूद कम राशन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने राशन को तोलकर देने और वेट चेक मेमो जारी करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इनका पालन प्रभावी रूप से नहीं हो रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग और माप-तोल विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
समिति का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान डिपो संचालकों से पूरा हिसाब लिया जाता है, जबकि निगम के गोदामों में राशन के वजन की नियमित जांच नहीं की जाती। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 लीटर तेल की पेटियों में कई बार केवल 11 लीटर तेल ही निकलता है।
डिपो संचालकों ने सरकार से मानदेय बढ़ाने की मांग दोहराते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे डिपो संचालन छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं।
कोट :
हमारे पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। अगर डिपो संचालकों को दिक्कत आ रही है तो वह अपने समक्ष वेट करवाने के बाद राशन ले सकते है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी से न जूझना पड़े।
-रीता कुमारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिविल सप्लाई हमीरपुर