हमीरपुर। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि अब विधायक आशीष शर्मा के परिवाजनों पर झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं। मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 3500 के करीब नोटिस विधायक आशीष और उनके परिवार को विभागों के जरिये दिलवाए गए हैं।
वहीं, उनके चाचा के क्रशर में एएसपी रैंक के अधिकारी रेड करने पहुंचे जबकि डेढ़ साल से यह क्रशर बंद है। जनता की आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों पर झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं।
राणा ने प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के बयान की वीडियो को दिखाकर वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरा है। राणा ने कहा कि सालों पहले ही दिवंगत वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू को प्रदेश का सबसे बड़ा ब्लैकमेलर बताया था। उनका कहना था कि यदि प्रदेश की कोई जिम्मेदारी सुक्खू को दी गई तो प्रदेश तबाह हो जाएगा। आज उनकी बातें सही साबित हो रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री धूमल के समय विधायक हड़ताल पर भी बैठ गए थे, लेकिन उन्होंने ऐसा कदम कभी नहीं उठाया। कर्मचारियों को वेतन और पेंशनरों को पेंशन नहीं मिल रही है। प्रदेश में 99 फीसदी लोगों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक रही 12 सरकारों ने 65 हजार करोड़ कर्ज लिया, लेकिन मौजूदा सरकार ने कर्ज को एक लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है। मित्रों की सरकार लोगों की सुविधाओं में कटौती कर खुद मौज कर रही है।
नादौन में जल शक्ति विभाग से जमीन का मुआवजा और फागू में करोड़ों रुपये के डंगे लगाकर चहेतों की जमीन के भाव बढ़ाने के लिए सड़क निकाली गई। देहरा में आचार संहिता के दौरान केसीसी बैंक से महिला मंडलों को 34 लाख रुपये दिए गए। मुख्यमंत्री महज एक-दो विस क्षेत्रों तक सीमित हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का 4.41 करोड़ रुपये देहरा विधानसभा क्षेत्र को जारी किए गए हैं।