सलौनी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में बने संस्थागत संगरोध केंद्र में बड़सर के अलावा जिले के अन्य लोगों के रखे जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिला में प्रशासन ने कई संस्थागत संगरोध केंद्र बनाये हैं, लेकिन बाहर से आने वाले अधिकांश लोगों को दियोटसिद्ध में ही रखा जा रहा है।
यहां रखे जा रहे लोगों की देखरेख के लिए उपयुक्त व्यवस्था नहीं की गई है। दियोटसिद्ध में रखे लोगों में से अधिकतर लोगों की टेस्ट पॉजिटिव आ रहे हैं। अब तक एक दर्जन मामले यहां से आने से लोग दहशत में है। ग्रामीणों ने बड़सर के अलावा अन्य उपमंडलों के लोगों को यहां संगरोध करने पर आपत्ति जताई।
पंचायत सदस्यों के अनुसार चकमोह महाविद्यालय जिस स्थान पर बना हुआ है, उसके आसपास घनी आबादी है। इससे गांवों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है। दियोटसिद्ध में संगरोध केंद्र में लोगों की रिपोर्ट को लेकर पहले ही पंचायत के लोगों में भय है। इस संबंध में चकमोह पंचायत प्रधान फूूूलां देवी का कहना है कि दियोटसिद्ध में बड़सर क्षेत्र के अलावा बाहर के लोगों को रखा जा रहा है। इनमें से 12 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
इन मामलों के आने के बाद लोग सहमे हुए हैं। इस बारे में बड़सर एसडीएम प्रदीप कुमार ने कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले जिले के लोगों को सुविधा अनुसार रखा जा रहा है। उसी प्रकार बड़सर के लोग भी अन्य क्षेत्रों में संगरोध किये गए हैं। सरकार के नियमों का पालन किया जाएगा। क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें।