नादौन(हमीरपुर)। सीटू ने केंद्र सरकार की ओर से नई श्रम संहिताओं को लागू करने का कड़ा विरोध किया है। रविवार को सीटू कार्यकर्ताओं ने धौलासिद्ध प्रोजेक्ट के मजदूरों के साथ श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाने के साथ नारेबाजी भी की।
सीटू जिला कमेटी के अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि मोदी सरकार पिछले छह सालों से इन मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को लागू करने का प्रयास कर रही थी, जिसका देश की सभी ट्रेड यूनियन विरोध कर रही हैं। इन श्रम संहिताओं को कॉर्पोरेट के लिए बनाया गया है और ये देश के मजदूरों को गुलामी में धकेलने के मकसद से ही बनाई गई हैं।
विज्ञापन
इनके लागू होने से मालिकों की ओर से मजदूरों को समय पर वेतन न देने के दंडात्मक प्रावधानों को ही समाप्त कर दिया गया है। अगर मजदूर मांगों को लेकर आवाज उठाते हैं, तो उसके लिए जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है। मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार को बेहद ही कमजोर कर दिया गया है, जिसका मजदूर संगठन विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में 26 नवंबर को हमीरपुर में भी प्रदर्शन किया जाएगा।