प्रदेश पदोन्नत स्कूली प्रवक्ता संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रधानाचार्य पद पर 50 फीसदी पदोन्नति कोटे से 25 फीसदी कोटा पदोन्नत प्रवक्ता को दिया जाए। जिला प्रधान केवल ठाकुर, प्रदेश उपाध्यक्ष यशवीर जंबाल, संयुक्त वित्त सचिव हरिमन शर्मा, महासचिव रविदास, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप डडवाल ने कहा कि प्रवक्ता के पद पर नियुक्ति एक-एक के आधार पर पदोन्नति से होती है। इसी आधार पर प्रधानाचार्य पद पर प्रवक्ता वर्ग के निर्धारित 50 फीसदी कोटे से 25 फीसदी कोटा पदोन्नत प्रवक्ता को दिया जाए।
उन्होंने कहा कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर एक टीजीटी लंबी सेवा के बाद प्रवक्ता बनता है। वह वरिष्ठता सूची में सीधी भर्ती वाले प्रवक्ता से काफी देर बाद आता है। उसे अपने 30 से 35 वर्ष के अध्यापन काल में एक ही पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर प्राप्त होती है। इससे सात हजार के प्रवक्ता वर्ग में रोष है।
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि विभाग में 1986 का सीधी भर्ती वाला प्रवक्ता उपशिक्षा निदेशक के पद पर सेवा दे रहा है जबकि 1989 का टीजीटी आज भी टीजीटी या पदोन्नत प्रवक्ता के पद पर कार्यरत है। इससे 25000 के टीजीटी काडर में रोष है। संघ ने सरकार से मांग की है कि काडर की भावनाओं को मद्देनजर अन्य विभागों की तर्ज पर पदोन्नत प्रवक्ताओं को भी पदोन्नति कोटा निर्धारित कर इंसाफ दिलाया जाए।
प्रदेशाध्यक्ष अमरनाथ धीमान का कहना है कि इस प्रमुख मांग को शिक्षा निदेशक से होने वाली बैठक में प्रमुखता से उठाकर सरकार को भेजा जाएगा।