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आलू और प्याज 50, टमाटर, गोभी, फ्रासबीन 80 रुपये किलो

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सुजानपुर (हमीरपुर)। कोरोना संकटकाल के बीच खाद्य वस्तुओं के दाम में आए उछाल से लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे दालों और सब्जियों ने दामों ने गरीब तबके के लिए समस्या खड़ी कर दी है। दाल, सरसों का तेल, घी के दामों में डेढ़ माह में ही 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ोतरी हुई। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
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आलू और प्याज 50 रुपये तो लाल टमाटर, गोभी, फ्रासबीन 80 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रही है। महंगाई के इस दौर में गरीब तबके के परिवारों को गुजारा करना मुश्किल हो गया है। डेढ़ सप्ताह पहले चने की दाल 60 रुपये प्रति किलो, उड़द साबुत 90 रुपये प्रति किलो, अरहर 90 रुपये प्रति किलो, काले चने 60 रुपये प्रति किलो, सफेद चने 65 रुपये प्रतिकिलो, घी 95 रुपये प्रतिकिलो, सरसों का तेल 130 रुपये प्रति किलो था। वर्तमान में दाल चना 70 रुपये प्रति किलो, उड़द व अरहर 100 रुपये, काले चने 70 रुपये, सफेद चने 75 रुपये प्रति किलो, घी 105 रुपये प्रति किलो, सरसों का तेल 140 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।
आय के साधन सीमित, रोजमर्रा की वस्तुएं हो रहीं महंगी : सुमन
गृहिणी और पार्षद सुमन अटवाल ने कहा कि जिन परिवारों में चार पांच सदस्य हैं और परिवार में अकेला व्यक्ति कमाने वाला है तो ऐसे में परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। आय के साधन सीमित हैं तथा रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होती जा रही है। सरकार रोज जरूरत की वस्तुओं के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाए।
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गरीब लोगों को गुजारा करना हुआ मुश्किल : सुषमा
सुषमा शर्मा ने कहा कि गरीब तबके का इस महंगाई के दौर में घर का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। महंगाई के इस दौर में सब्जियां खरीदना भी मुश्किल हो गया है।
महंगाई से बिगड़ रही आर्थिक स्थिति : सुरेंद्र
सुरेंद्र गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी में लोगों के आय के साधन सीमित हो गए हैं। जबकि, खाने की चीजें महंगी होती जा रही हैं जिससे आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है।
महंगाई पर अंकुश लगाना जरूरी : ओंकार
ओंकार स्वरूप ने कहा कि महंगाई पर अंकुश न लगा तो गरीब तबके के लिए पेट भरना मुश्किल हो जाएगा। गरीब तबके के लोगों को पेट भरने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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