हमीरपुर। मुख्यमंत्री के गृह जिले में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एक गर्भवती महिला पांच दिन से रैंपवॉक पर बिस्तर लगाकर सोने को मजबूर है। अस्पताल के गायनी वार्ड में महज 50 महिलाओं के लिए बिस्तर उपलब्ध हैं। ऐसे में वार्ड हर समय फुल रहता है। हालात ऐसे हैं कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद ही अस्पताल में बिस्तर मिल पाता है। रैंपवॉक पर बैठी गर्भवती महिला ने बताया कि अभी प्रसव को समय है लेकिन इंफेक्शन के चलते अस्पताल आना पड़ा।
पूछे जाने पर महिला के परिजन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जब प्रसव होगा तभी बिस्तर मिल पाएगा। आलम यह है कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। अस्पताल में चिकित्सक तो बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं लेकिन आधारभूत ढांचे की कमी के चलते समस्याएं पेश आ रही हैं। गायनी वार्ड के बाहर गैलरी में भी जगह नहीं बची है। एक तरफ प्रसूता महिलाओं के बिस्तर लगे हैं तो दूसरी तरफ तीमारदारों ने जरूरत का सामान रखा है। ऐसे में अन्य लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस बारे में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि अस्पताल में जितने बिस्तर हैं, महिलाओं को उपलब्ध करवाए जाते हैं। हर सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।