हमीरपुर। जिले के स्कूलों में शिक्षा विभाग ने बोर्ड की फाइनल परीक्षा से पूर्व प्रैक्टिस टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं। दिसंबर माह में ली गई प्री बोर्ड परीक्षा में बच्चों में क्या कमियां रही थीं और उनमें अब क्या सुधार हुआ है, इसका आकलन विभाग इस प्रैक्टिस टेस्ट के आधार पर करेगा। प्री-बोर्ड परीक्षा के समय से अब अंतिम परीक्षा तक छात्रों में क्या सुधार हुआ है या क्या कमी आई है, इसका तुलनात्मक अध्ययन इस प्रैक्टिस टेस्ट के आधार पर होगा। विभाग का प्री बोर्ड परीक्षा कराने का मकसद अंतिम परीक्षा तक छात्रों को बिल्कुल निपुण बनाना है।
शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूलों को दो घंटे का प्रैक्टिस टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं। इनमें दसवीं के गणित, विज्ञान, सामाजिक शास्त्र और अंग्रेजी का प्रैक्टिस टेस्ट, जबकि जमा एक और जमा दो कला व वाणिज्य संकाय के अंग्रेजी और तीन अन्य विषयों के प्रैक्टिस टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, विज्ञान संकाय के प्रैक्टिकल होने के चलते इन बच्चों के प्रैक्टिस टेस्ट नहीं होंगे। टेस्ट का परिणाम स्कूल विभाग को बताएंगे और विभाग निदेशालय को इसकी रिपोर्ट करेगा ताकि, प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद बच्चों में सुधार के स्तर का आकलन किया जा सके। इस संबंध में कार्यकारी उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा एवं उपनिदेशक निरीक्षण विंग हमीरपुर अजय पटियाल का कहना है कि स्कूलों को दो घंटे के प्रैक्टिस टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं। 26 फरवरी तक स्कूलों से रिपोर्ट ली जाएगी। जिसे विभाग को भेजा जाएगा ताकि, बच्चों में हुए सुधार का आकलन किया जा सके।