हमीरपुर। जिला के तीन आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों में आठ सालों से सरकार चिकित्सक और फार्मासिस्ट का पद सृजित नहीं कर पाई है। पद सृजित नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इन स्वास्थ्य संस्थानों में नजदीकी आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सक और फार्मासिस्ट प्रतिनियुक्ति पर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, इन स्वास्थ्य केंद्रों का अपना भवन भी नहीं है। यह केंद्र पंचायत भवनों से संचालित हो रहे हैं। जिला में करीब 71 आयुष संस्थान हैं, जिसमें 63 वेलनेस केंद्र हैं। 2017 में चंबेह, दलचेहड़ा और टिक्कर राजपूतां में तीन आयुर्वेदिक अस्पताल केंद्र खोले थे। तब से अब तक यहां पर पद ही सृजित नहीं हो पाए हैं।
हालांकि अब इन अस्पतालों को स्वास्थ्य एवं वेलनेस का दर्जा दिया गया है। सरकार ने दर्जा तो बढ़ाया है, लेकिन पद सृजित नहीं हो पाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पतालों के खोलने की मात्र औपचारिकता निभाई गई। नियमित चिकित्सक या स्टाफ नहीं होने से इन अस्पतालों के तहत आने बाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने अस्पतालों में पद सृजित करने की सरकार से गुहार लगाई है।
कोट
तीन स्वास्थ्य एवं वेलनेस सेंटर में पद सृजित नहीं हैं। नजदीकी अस्पतालों से चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर यहां सेवाएं देते हैं। पद सृजित करने के लिए सरकार को लिखा है। उम्मीद है कि जल्द तीन अस्पतालों में पद सृजित हो पाएंगे।
-डॉ बृज नंदन शर्मा, जिला आयुष अधिकारी