बाल स्कूल हमीरपुर के मैदान में फाड़े गए पोस्टर व फ्लैक्स
हमीरपुर। जिला मुख्यालय स्थित बाल स्कूल के मैदान में खेल जगत की विभूतियों की वॉल पेंटिंग जांच में पोस्टर और फ्लैक्स पाए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि वॉल पेंटिंग की मंजूरी लेकर पोस्टर और फ्लेक्स लगाए गए हैं, जो कुछ ही दिनों बाद फाड़ दिए गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन हमीरपुर को इस मामले की शिकायत स्थानीय निवासियों की ओर से दी गई थी। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने खेल विभाग हमीरपुर को जांच के आदेश दिए थे। जांच में पाया गया है कि मैदान में वॉल पेंटिंग की मंजूरी दस्तावेजों में दर्शाई गई है लेकिन पोस्टर और फ्लेक्स लगाए जाने का कोई जिक्र नहीं है।
प्रशासन को दी गई शिकायत में फिजूलखर्ची करने के आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में हमीरपुर के खेल मैदान में किया गया यह कार्य विवादों में घिर गया है। मैदान में आठ माह पूर्व खेल विभाग की ओर से 88 हजार रुपये की लागत से प्राचीन धरोहरों और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के पोस्टर लगाए गए थे लेकिन विभाग को पोस्टरों की जगह दीवारों पर चित्रकारी करने के निर्देश जारी हुए थे। शिकायत में कहा गया था कि मैदान में कम गुणवत्ता वाले पोस्टर लगवा दिए हैं। जबकि, वॉल पेंटिंग से इस कार्य को कम बजट में बेहतर तरीके से किया जा सकता था। शिकायतकर्ता ने मैदान में लगे पोस्टरों की गुणवत्ता जांच करने और दीवारों पर रंग की जगह पोस्टरों को चिपकाने को लेकर मामले की जांच करने की मांग की है। इस मामले में जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम हमीरपुर को जांच के आदेश हुए। एसडीएम ने इस विषय पर जिला खेल विभाग हमीरपुर से जवाब तलब किया था।
कोट्स
जिला युवा सेवाएं खेल अधिकारी विवेक वर्मा ने कहा कि यह कार्य उनके पदभार संभालने से पूर्व हुआ है। प्रशासन के आदेशों पर दस्तावेजों की जांच की गई है। जांच में पाया गया है कि वॉल पेंटिंग की अनुमति ली गई थी।
विभाग की ओर से लिखित जवाब मिल गया है। जवाब में कहा गया है कि सरकारी दस्तावेजों में पोस्टर और फ्लेक्स लगाने के बजाए वॉल पेंटिंग का जिक्र है। इस रिपोर्ट को जिला प्रशासन को सौंप दिया।
एसडीएम हमीरपुर मनीष कुमार सोनी